सतही तौर पर देखें तो म्यूचुअल फंड मैनेजरों ने यस बैंक (Yes Bank) में अगस्त में करीब 8 लाख शेयरों में खरीदारी की है। लेकिन आंकड़ों पर गहराई से नजर डालें तो पता चलता है कि यह सभी खरीदारी पैसिव फंडों और ETF की तरफ से हुई है। इस स्टॉक में एक्टिव फंड दूर ही रहे हैं। यस बैंक को लेकर फंड मैनेजरों की यह उदासीनता उस समय देखने को मिली है जब यह स्टॉक भारतीय बाजार के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहा है। यह स्टॉक पिछले साल सितंबर के अपने 52 वीक लो से 60 फीसदी ऊपर है। वहीं 2022 में अब तक इस स्टॉक में 27 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस शेयर के मजबूत प्रदर्शन के कई कारण रहे हैं।
मुंबई स्थित ब्रोकिंग फर्म Wealth Mills Securities की क्रांति बाथिनी (Kranti Bathini) का कहना है कि कई पॉजिटिव कारणों से इस स्टॉक में तेजी आई है। इनमें सबसे बड़ा कारण बैंक के डिपॉजिट में हुई जबरदस्त ग्रोथ है। इस डिपॉजिट ग्रोथ के कारण ही यस बैंक को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है।
एनपीए में और गिरावट की संभावना
यस बैंक ने JC Flower के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत बैंक के 48000 करोड़ रुपये के एनपीए JC Flower को ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे बैंक के एनपीए लेवल में और गिरावट आएगी और इस बिक्री से मिले पैसे से बैंक के कैपिटल में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा बैंक में Carlyle and Advent International की तरफ से भी बड़ा निवेश आया है। जिससे आगे के लिए बैंक का आउटलुक काफी सुधरा है। इसके अलावा बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में भी काफी अच्छा सुधार देखने को मिला है। बैंक के प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई है और इसकी क्रेडिट ग्रोथ तमाम दूसरे बैंकों के बराबर रही है।
इसके बावजूद बहुत ही कम ऐसे एक्टिव फंड है जिनकी होल्डिंग में यह स्टॉक शामिल हैं। वास्तव में सिर्फ दो एक्टिव फंड ऐसे हैं जिनके पोर्टफोलियो में यह स्टॉक है। इसमें से एक फंड का नाम है SBI Multi Asset Allocation Fund और दूसरे फंड का नाम है Tata Quant Fund। इसमें से दूसरे फंड ने अगस्त महीने के दौरान यस बैंक के शेयरों की बिक्री से आंशिक मुनाफावसूली भी की है।
यस बैंक को लेकर क्यों है फंड मैनेजर उदासीन
जानकारों का कहना है कि फंड मैनेजरों को यस बैंक से कोई खुन्नस नहीं है। इस स्टॉक को लेकर फंड मैनेजरों की उदासीन की वजह दूसरे ज्यादा बेहतर विकल्प होना है। इस समय प्राइवेट बैंक स्पेस में काफी ऐसे स्टॉक हैं जो यस बैंक से ज्यादा बेहतर नजर आ रहे हैं। इस समय फंड मैनेजरों का रुझान बड़े प्राइवेट बैकों की तरफ है। हाल में हुई बैंकिंग स्टॉक्स की खरीदारी के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बात साफ होती है। देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई म्युचुअल फंड ने अगस्त महीने में ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Axis Bank और HDFC Bank में सबसे ज्यादा खरीदारी की है।
इसी तरह HDFC MF ने इस अवधि में HDFC Bank, Kotak Bank and Axis Bank में खरीदारी की है। वहीं आईसीआईसीआई प्रु म्युचूअल फंड अकेला ऐसा टॉप 3 म्यूचुअल फंड रहा है जिसने अगस्त महीने में प्राइवेट बैंक में खरीदारी के बजाए बिकवाली की है। इसके अलावा तमाम दूसरे एनालिस्ट भी बड़े प्राइवेट बैंकों को लेकर ज्यादा बुलिश है। मॉर्गन स्टैनली को ICICI Bank में 40 फीसदी की तेजी की उम्मीद है।
गौरतलब है कि किसी भी एनालिस्ट ने ICICI Bank पर Sell कॉल नहीं दिया है। इसके अलावा HDFC Bank,IndusInd Bank और Federal Bank पर भी एनालिस्ट का नजरिया पॉजिटिव है। वहीं Yes Bank एनालिस्टों की कवरेज में ही शामिल नहीं है।
निर्मल बंग के एक एनालिस्ट ने यस बैंक को Sell रेटिंग देते हुए कहा है कि इस स्टॉक में आई तेजी की वजह कैश इनफ्यूजन और बैड लोन की बिक्री है। स्टॉक का रिटर्न रेशियो अनुकूल नहीं है। इसके अलावा यस बैंक के अधिकांश शेयर वर्तमान में लॉक है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि इस शेयर में लॉक इन की एक्सपायरी के बाद ओवर सप्लाई की संभावना एक और बड़ी चिंता है। ऐसे में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक को होल्ड रेटिंग देते हुए इसके लिए 14 रुपये का लक्ष्य दिया है।
Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक ULJK Financial के सिर्फ एक एनालिस्ट ने इस स्टॉक को Buy रेटिंग दी है जबकि इस स्टॉक पर 6 Sell कॉल और 5 Hold कॉल है।
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