इंद्रप्रस्थ गैस के लिए चुनौती बन रही है, दिल्ली एनसीआर में ईवी की बढ़ती बिक्री

ईवी पर सरकार द्वारा बढ़ावा देने से इंद्रप्रस्थ गैस कंपनी की चिंताएं बढ़ सकती हैं

अपडेटेड Jan 18, 2022 पर 12:31 PM
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IGL का शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर से 25 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है

कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) की बढ़ती मांग ,सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों के लिए विकास का प्रमुख चालक बनी हुई है। पेट्रोल और डीजल जैसे अन्य ऑटो ईंधन की तुलना में सीएनजी की कम लागत की वजह से भी सीएनजी की बिक्री में नियमित इजाफा हुआ है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की चिंता भी उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी चुनने और सीएनजी वाहन खरीदने की प्रमुख वजह रही है।

दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) जैसी कंपनियों के लिए सीएनजी बिक्री में वृद्धि कमाई का प्रमुख स्रोत बनी हुई है।

हालांकि गैस की बढ़ती बिक्री और भौगोलिक विस्तार के कारण कंपनी के लिए आउटलुक अभी भी अच्छा बना हुआ है लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles (EV) की बढ़ती पैठ पर नजर रखनी होगी। ईवी की बढ़ती बिक्री और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों ने सीएनजी की बिक्री में वृद्धि के लिए खतरा पैदा कर दिया है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में एग्रीगेटर्स को सीएनजी में बदलाव के लिए आक्रामक समयसीमा प्रदान किए जाने की संभावना के साथ चिंताएं और गहरी हो गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि आईजीएल की कुल सीएनजी बिक्री में एग्रीगेटर्स की हिस्सेदारी 30-40 प्रतिशत है। हाल ही में एक ड्राफ्ट पॉलिसी के तहत कैब एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सेवाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मार्च 2022 तक उनकी सभी नई खरीदारी में 5% (फोर व्हीलर) और 10% (टू-व्हीलर) सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहन होने चाहिए।

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हॉलांकि ड्राफ्ट पॉलिसी सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुली रहेगी और एग्रीगेटर्स के लिए आक्रामक समय-सीमा में भी थोड़ी ढील दी जा सकती है लेकिन स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर जोर और ईवी पैठ और बिक्री का बढ़ने से गैस कंपनियों तरक्की के लिए चुनौतियां पैदा होंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOFSL) के विश्लेषकों ने कहा, "निकट अवधि में, आईजीएल की कमाई प्रभावित नहीं हो सकती है हालांकि मौजूदा बाजार कीमतों से निहित 6% टर्मिनल ग्रोथ की मांग दर पर चिंता बनी हुई है।"

इसलिए निवेशक आईजीएल की मध्यम से लंबी अवधि के निवेश पर नजर रखेंगे। सितंबर 2022 के 52-हप्ते के उच्च स्तर से इंद्रप्रस्थ गैस के स्टॉक में लगभग 25% की गिरावट आई है। गैस की कीमतें ऊपर की ओर रही हैं, जिससे उच्च इनपुट लागत दबाव बढ़ रहा है और करेक्शन के लिए यह एक कारण है। वहीं ओमीक्रोन के प्रसार से उत्पन्न खतरे ने भी निकट अवधि में वॉल्यूम ग्रोथ पर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

 

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