फेड के फैसले से पहले भारतीय बाजार सतर्क आज सतर्क नजर आ रहा है। ग्लोबल और भारतीय बाजारों में कंसोलिडेशन का मूड दिख रहा है। निफ्टी 15750 के आसपास है। निफ्टी बैंक में 100 अंकों से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है दिग्गजों से ज्यादा आज मिडकैप जोश में दिख रहे हैं। बाजार की इस गिरावट से LIC का शेयर भी अछूता नहीं है। पिछले 10 दिनों से LIC के शेयरों में लगातार गिरावट जारी थी। LIC के शेयर इतने टूटे कि यह लिस्टिंग के बाद सबसे ज्यादा गिरने वाला एशिया का दूसरा शेयर बन गया है। पहले नंबर पर दक्षिण कोरिया की कंपनी LG Energy Solution है।
हालांकि आज LIC के शेयरों में लगातार दूसरे दिन हरियाली दिखी है। सरकारी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) के शेयर 15 जून को 4.70% यानी 31.25 रुपए बढ़कर 706 रुपए पर पहुंच गए हैं। यह लगातार दूसरा दिन है जब LIC के शेयरों में तेजी आई है।
इस बीच आज LIC चेयरमैन MR KUMAR ने CNBC TV18 से खास बातचीत में कहा है की निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। मार्केट में गिरावट से शेयर पर दबाव दिख रहा है। कंपनी के कारोबार में कोई दिक्कतें नहीं है। आगे निजी इंश्योरेंस कंपनियों की तरह ही LIC में तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। कंपनी आंतरिक बदलाव (इंटरनल ट्रांसफॉर्मेशन) की प्रक्रिया से गुजर रही है। ऐसे में निवेशकों से धैर्य बनाए रखने की अपील है। भविष्य में निवेशकों को बेहतर डिविडेंड मिलने की उम्मीद है। पॉलिसीधारक बोनस को लेकर परेशान न हों। कंपनी की ग्रोथ के साथ बोनस भी बढ़ेगा।
मार्च के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई है। इससे EV (Embedded value) पर असर नहीं होगा। उम्मीद है कि आगे ईवी के साथ ही दूसरे फाइनेंशियल आंकड़ों में बढ़त देखने को मिलेगी। कंपनी की ग्रोथ रेट 60 फीसदी पर है जो प्राइवेट सेक्टर से कुछ ही कम है। कंपनी के AP(Annualized premium equivalent)में सालाना आधार पर 15-20 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। कंपनी को पिछले कुछ महीनों में अपने मार्केट शेयर में रिकवरी की है।
LIC निवेशक धैर्य बनाए रखें। कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। LIC 30 जून के पहले Embedded Value का एलान करेगी। LIC EV पर गिरावट का असर बताना फिलहाल मुश्किल है। कंपनी को सालाना 12-15 फीसदी प्रीमियम ग्रोथ की उम्मीद है। अगले 5 साल तक 15 फीसदी VNB मार्जिन का लक्ष्य रखा गया है। आगे कई शेयरहोल्डर को बोनस और डिविडेंड दोनों लाभ मिलेगा।
कंपनी की VNB Margin(नई पॉलिसी बिक्री की मार्जिन) मीडियम टर्म में 9.3 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी पर आती नजर आएगी। जबकि लॉन्ग टर्म में ये 20 फीसदी पर जाती नजर आएगी।