LIC share : भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation) यानी LIC के शेयर में गिरावट जारी है। गुरुवार को बीमा कंपनी का शेयर बीएसई (BSE) पर 721 रुपये के नए रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। शेयर फिलहाल अपने 949 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 25 फीसदी नीचे है।
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगातार गिरावट जारी है। लिस्टिंग के एक महीने से कम वक्त में, LIC की मार्केट वैल्यू लगभग एक चौथाई कम हो चुकी है। 949 रुपये के इश्यू प्राइस पर एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 6,00,242 करोड़ रुपये थी और अब यह बीएसई (BSE) घटकर 4,58,024 करोड़ रुपये रह गई है। 17 मई, 2022 को लिस्टिंग के बाद से LIC के शेयर की कीमत में खासी गिरावट दर्ज की गई है।
मार्च तिमाही में 17 फीसदी घटा प्रॉफिट
लिस्टिंग के बाद एलआईसी ने पहली बार मार्च, 2022 में समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए। बीमा कंपनी ने इस तिमाही में 17 फीसदी गिरावट के साथ 2,409 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि बीते साल समान तिमाही में यह आंकड़ा 2,917 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान एलआईसी की कुल इनकम 1,90,098 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,12,230 करोड़ रुपये हो गई। LIC की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 1.44 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि बीते साल समान तिमाही में 1.22 लाख करोड़ रुपये रही थी।
उसका सॉल्वेंसी रेश्यो (solvency ratio) एक साल पहले के 1.76 से बढ़कर 1.75 हो गया है। solvency ratio से एक बीमा कंपनी की दीर्घकालिक कर्ज से जुड़ी जिम्मेदारियों का पता चलता है। बीमा कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 22 में उसका एसेट बेस 12 फीसदी बढ़कर 41.8 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 21 में 37.4 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था।
सरकार के स्वामित्व वाली एलआईसी अभी तक भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान व्यक्तिगत पॉलिसी में उसका मार्केट शेयर 74.6 फीसदी था। ग्रुप बिजनेस में पॉलिसी/ स्कीम्स के लिहाज से 89 फीसदी और फर्स्ट ईयर प्रीमियम में 76 फीसदी मार्केट शेयर है।