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Market Outlook: फाइनेंशियल सेक्टर ने FY22 में बिखेरे जलवे, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

एनालिस्ट्स का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 में बैकिंग सेक्टर के कोर अर्निंग में बढ़ोतरी होती दिखेगी। सेक्टर को इंटरेस्ट रेट साइकिल में तेजी का फायदा मिलेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2022 पर 6:21 PM
Market Outlook: फाइनेंशियल सेक्टर ने FY22 में बिखेरे जलवे, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल
हमें बैकिंग सेक्टर में लोअर प्रोविजनिंग की वजह से अर्निंग में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है इसके अलावा इस सेक्टर के एसेट क्वालिटी में भी सुधार हो रहा है

भारतीय बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर खराब क्रेडिट साइकिल और कोविड -19 महामारी के असर से उबर चुका है। यह एक बार फिर ग्रोथ के रास्ते पर लौट आया है। एनालिस्ट ने इस सेक्टर के EPS के अनुमान को बढ़ा दिया है। हालांक,  कुछ एनालिस्ट का मानना है कि लोन ग्रोथ के मोर्चे पर मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं।

BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेस और इंश्योरेंस) सेक्टर की चौथी तिमाही का प्रदर्शन मजबूत रहा है। स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड बैंकों के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 87 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मुनाफे में आई इस बढ़ोतरी में लोअर प्रोविजनिंग और डूबे कर्ज में गिरावट का अहम योगदान रहा है।

चौथी तिमाही में डायवर्सिफाइड एनबीएफसी कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 20 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं इंश्योरेंस कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 68 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। बैंकों के प्रोविजन में गिरावट के कारण बैंकों के मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर की एसेट क्वालिटी में भी अच्छा सुधार देखने को मिल रहा है।

आगे के आउटलुक पर बात करते हुए एनालिस्ट का कहना है कि इस समय बैंकिंग शेयरों की वैल्यूएशन काफी अच्छी नजर आ रही हैं। बैंक शेयरों में हाल में आई गिरावट की वजह खराब मैक्रो आंकड़े रहे हैं। इसके अलावा ग्लोबल ग्रोथ और महंगाई को लेकर बड़ी चिंता के कारण भी बैकिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ा है।

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