भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मंगल देखने को मिला। आज यानी 17 मई को दोपहर में लगभग 1.7 प्रतिशत चढ़कर ऊपर के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। शंघाई में लॉकडाउन को हटा दिया जाएगा इस उम्मीद से दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटीज खरीदार की आर्थिक चिंताएं कम होती हुई नजर आई। इससे वैश्विक इक्विटी बाजारों में बढ़त को देखते हुए भारतीय बाजारों में भी तेजी देखने को मिली।
दोपहर 12.11 बजे बेंचमार्क सेंसेक्स 1.8 प्रतिशत बढ़कर 53,881 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 1.8 प्रतिशत बढ़कर 16,118 के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय शेयरों में कुछ कठिन दिनों के बाद आज लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली।
विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में हाई वोलाटिलिटी के बीच बाजार कमजोर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि उच्च मुद्रास्फीति और फेड की सख्ती की वजह से बाजार में छोटी अवधि के लिए चुनौतियां बनी रहेंगी।
ये कुछ फैक्टर्स हैं जो आज भारतीय शेयरों को ऊपर की ओर ले जा रहे हैंः
1 चीन में कोई नया कोविड संक्रमण का नहीं मिलना
शंघाई द्वारा लगातार तीसरे दिन अपने यहां कोई नया कोविड संक्रमण नहीं मिलने के कारण निवेशकों के सेंटीमेंट्स में सुधार हुआ। इससे छह सप्ताह से अधिक समय से चाइनीज फाइनेंशियल हब को जकड़ कर रखने वाले प्रतिबंधों से निजात मिलने की संभावना दिखी है। जिससे बाजार में उत्साह नजर आया।
2. भारत का माइक्रो-इकोनॉमिक डेटा
अब तक भारत के माइक्रो-इकोनॉमिक डेटा में सुधार दिखाई दिया है। माल और सेवा कर (goods and services tax (GST) के तहत भारत का टैक्स कलेक्शन अप्रैल में 1.68 लाख करोड़ रुपये (21.96 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अप्रैल में देश का माल निर्यात पिछले साल की समान अवधि में 30.75 अरब डॉलर की तुलना में 30.7 प्रतिशत बढ़कर 40.19 अरब डॉलर हो गया। लेकिन इसी अवधि में आयात भी 30.97 प्रतिशत बढ़कर 60.30 अरब डॉलर हो गया है।
3. सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में हुआ सुधार
एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई मार्च में पिछले महीने के 51.8 से बढ़कर 53.6 हो गया। इसे अर्थव्यवस्था के खुले रहने और कोविड प्रतिबंधों के हटने से सपोर्ट मिला है।
ट्रैफिक इंडीकेटर्स में सालाना और मासिक आधार पर सुधार हुआ। मार्च में हवाई यातायात सालाना 37.3 प्रतिशत और मासिक आधार पर 39 प्रतिशत बढ़ा।
पोर्ट ट्रैफिक में भी सालाना और मासिक आधार पर तेजी देखी गई। मार्च में रेल ट्रैफिक सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत और मासिक आधार पर 16.3 प्रतिशत बढ़ा।
इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की खपत भी मासिक और सालाना दोनों आधार पर बढ़ी। वहीं ई-वे बिल जनरेशन में मासिक आधार पर 13 प्रतिशत और सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी नजर आई।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार ओवरसोल्ड नजर आ रहा है और अब इसमें टेक्निकल पुलबैक देखने को मिल रहा है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट 15,600 पर है। यह उम्मीद बनी है कि आने वाले महीनों में इंडेक्स धीरे-धीरे ऊपर जायेगा और 17,100 के स्तर तक पुलबैक रैली दिखायेगा।
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एक आश्चर्यजनक कदम उठाकर दरों में बढ़ोतरी करने के बाद बाजार में भय का माहौल बना था और इसके सेंटीमेंट में गिरावट आई।