Tata Motors के शेयरों ने साल 2022 में अब तक निफ्टी इंडेक्स की तुलना में कमतर प्रदर्शन किया है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट का मानना है कि बाजार एक बार फिर से सप्लाई चेन की दिक्कतों को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। आगे लागत में बढ़ोतरी भारतीय कंपनियों के कारोबार पर अपना असर डालती नजर आएगी।
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि Tata Motors अपने ऊपर आनेवाले लागत के दबाव को बहुत तेजी से पासऑन नहीं कर पाएगी। जिसको देखते हुए उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में कंपनी की आय पर दबाव देखने को मिलेगा। JLR को सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है और कंपनी के भारतीय कारोबार पर लागत से जुड़ा दबाव नजर आ सकता है। हालांकि भारत का ऑटो साइकिल इस समय अपने निचले स्तर पर है अब यहां से वॉल्यूम में रिकवरी नजर आ सकती है।
मॉर्गन स्टेनली ने Tata Motors का कवरेज बनाएं रखा है और इसको overweight रेटिंग देते हुए टाटा मोटर्स के लिए 561 रुपये का लक्ष्य और Tata Motors DVR के लिए 280 रुपये का लक्ष्य दिया है।
ब्रोकरेज हाउस ने आगे कहा कि DVR (डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स ) शेयरों में वोटिंग राइट्स कम होता है लेकिन सामान्य शेयरों की तुलना में इनका डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी ज्यादा होता है। वर्तमान में यह शेयर मुख्य शेयरों की तुलना में 50 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि यह डिस्काउंट 50 फीसदी के वर्तमान लेवल पर कायम रहेगा।
बीएसई के वर्तमान शेयर होल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो बिगबुल के नाम से जाने जानेवाले राकेश झुनझुनवाला की Tata Motors में 1.18 फीसदी और Tata Motors DVR में 2.7 फीसदी हिस्सेदारी है।