आरबीआई ने आज अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में रियल्टी एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने और इस सेक्टर को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराने के लिए कई उपायों का ऐलान किया है। इस खबर के चलते आज रियल्टी शेयरों में जबरदस्त तेजी आती नजर आई है। मॉनिटरी पॉलिसी से जुड़े ऐलान करते हुए आरबीआई गर्वनर शक्तिकांता ने कहा है कि देश में आवासीय हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए रीजनल को-ऑपरेटिव बैंक से भी हाउसिंग सेक्टर को कर्ज मिलेगा। इसके साथ ही अब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक और डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंकों से भी हाउसिंग के लिए कर्ज लिया जा सकेगा।
आरबीआई ने इन बैंकों से मिलने वाले इंडिविजुअल हाउसिंग लोन की सीमा भी बढ़ाने का ऐलान किया। अब रुलर को-ऑपरेटिव बैंक कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए भी कर्ज उपलब्ध करा सकेंगे। आरबीआई के ऐलान के बाद आज DLF, Macrotech Developers, Oberoi Realty, Sobha, Brigade Enterprises और Godrej Properties जैसे शेयरों में 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
आरबीआई ने टियर 1 अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक से मिलने वाले इंडिविजुअल हाउसिंग लोन की लिमिट 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दी है जबकि टियर 2 अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के हाउसिंग लोन की लिमिट 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.40 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है।
100 करोड़ रुपये से कम नेटवर्थ वाले रूरल को-ऑपरेटिव बैंक की इंडिविजुअल हाउसिंग लोन की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के नेटवर्थ वाले रूरल को-ऑपरेटिंग बैंकों की इंडिविजुअल हाउसिंग लोन सीमा 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है।
निवेशकों का मानना है कि को-ऑपरेटिव बैंकों की हाउसिंग लोन लिमिट बढ़ने से आवासी रियल एस्टेट प्रॉपर्टी की मांग को बढ़ावा मिलेगा। उच्च बचत दर और सरकारी छूटों के कारण कोरोना महामारी के शुरुआत के बाद से आवासीय रियल एस्टेट की मांग में बढ़त देखने को मिली है।
इसके अलावा आरबीआई ने अब स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों और डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंकों को कमर्शियल रियल एस्टेट और आवासीय परियोजनाओं को उनके नेटवर्थ के 5 फीसदी तक कर्ज देने की अनुमति दी है। आरबीआई का कहना है कि उसने सस्ते घरों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है। बताते चलें कि 11 बजे के आसपास एनएसई पर निफ्टी का रियल एस्टेट इंडेक्स 2.4 फीसदी की बढ़त 405.8 पर दिख रहा था।