Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने भारत के अभी तक के सबसे बड़े फॉरेन करंसी बॉन्ड (foreign currency bond) के तहत 4 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह तीन गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।
Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने भारत के अभी तक के सबसे बड़े फॉरेन करंसी बॉन्ड (foreign currency bond) के तहत 4 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह तीन गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।
देश की अग्रणी कंपनियों में से एक आरआईएल ने तीन किस्तों में यूएस डॉलर बॉन्ड जारी करके यह रकम जुटाई है, जिसमें 2.875 फीसदी कूपन रेट पर 10 साल के लिए 1.5 अरब डॉलर, 3.625 फीसदी पर 30 साल के लिए 1.75 अरब डॉलर और 3.750 फीसदी पर 40 साल के लिए 75 करोड़ डॉलर शामिल हैं। इससे मिली धनराशि को मौजूदा कर्ज की रिफाइनेंसिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी के लिए सबसे बड़ा डेट कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन
आरआईएल के ज्वाइंट चीफ फाइनेंशिल ऑफिसर श्रीकांत वेंकटाचारी ने एक बयान में कहा कि यह इश्यू कंपनी के लिए सबसे बड़ा डेट कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन है और यह “भारत में किसी भी कॉरपोरेट के लिए लॉन्ग डेटेड टेनोर्स में सबसे सख्त क्रेडिट स्प्रेड्स है।”
मजबूत है कंपनी की बैलेंसशीट
उन्होंने कहा, “बड़े इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट इनवेस्टर्स से मिले सपोर्ट से हमारे बिजनेस की क्षमता के अलावा एनर्जी, कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स की स्थापित ग्रोथ के साथ-साथ हमारी बैलेंस शीट की मजबूती का पता चलता है। यह इश्यू पूरे कैपिटल स्ट्रक्चर में बेहतरीन और इनोवेटिव इश्युअर होने की रिलायंस की परम्परा को बनाए रखता है।”
बेहद प्रतिस्पर्धी हैं कूपन रेट
यूएस ट्रेजरीज बेंचमार्क पर नोट्स की कीमत प्रतिस्पर्धी रूप से 120 बेसिस प्वाइंट्स, 160 बेसिस प्वाइंट्स और 170 बेसिस प्वाइंट्स रखी गई है। इश्यू में 30 साल और 40 साल के इश्युएंस बेंचमार्क के लिए सबसे कम कूपन हासिल हुआ और यह जापान को छोड़कर एशिया से एक ‘बीबीबी’ रेटेड प्राइवेट सेक्टर कॉरपोरेट द्वारा अभी तक पहली 40 साल की अवधि वाली किस्त है।
एशिया, यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स से मिले ऑर्डर
आरआईएल ने कहा कि नोट्स को एशिया, यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स से 200 से ज्यादा अकाउंट्स से ऑर्डर मिले। कंपनी ने कहा, “नोट्स हाई क्वालिटी फिक्स्ड इनकम डिस्काउंट्स को डिस्ट्रीब्यूट किए गए थे, जिसमें 69 फीसदी फंड मैनेजर्स को, 24 फीसदी इंश्योरेंस कंपनियों को, 5 फीसदी बैंकों को और 2 फीसदी पब्लिक इंस्टीट्यूशंस दिए गए।”
ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों ने दी यह रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बॉन्ड को ‘बीएए2’ और एसएंडबी ग्लोबल रेटिंग ने ‘बीबीबीप्लस’ रेटिंग दी थी, वहीं दोनों ने बॉन्ड के लिए ‘स्टेबल’ आउटलुक दिया। नोट्स पर इंटरेस्ट एरियर्स के रूप में छमाहीवार दिया जाएगा और नोट्स आरआईएल के अन्य असुरक्षित और असंबद्ध दायित्वों के समान होंगे।
बोफा सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप और एचएसबीसी इश्यू के लिए ज्वाइंट ग्लोबल कोऑर्डिनेटर्स थे। बोफा सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप, एचएसबीसी, बारक्लेज, जेपी मॉर्गन और मफजी ने ज्वाइंट एक्टिव बुकरनर्स के रूप में काम किया। एएनजेड, बीएनपी पारिबा, क्रेडिट एग्रीकोल, सीआईबी, डीबीएस बैंक, मिझुओ सिक्योरिटीज, एसएमबीसी निक्को, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लंदन ब्रांच ज्वाइंट पैसिव बुकरनर्स थीं।
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