Biocon पर सरकारी एजेंसी को रिश्वत देने का आरोप लगने के बाद आज शेयरों में दिखी 4% की गिरावट

CBI ने CDSCO के ज्वाइंट ड्रग कंट्रोलर एस ईश्वर रेड्डी और बायोकॉन बायोलॉजिक्स के एल प्रवीण कुमार सहित पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है

अपडेटेड Jun 22, 2022 पर 12:33 PM
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Biocon कंपनी ने बयान जारी करके अपने ऊपर लगे सारे आरोपों का खंडन किया है

दवा बनाने वाली कंपनी बायोकॉन (Biocon) के शेयरों में आज गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयरों में आई हुई गिरावट का कारण भारत में ड्रग्स को मंजूरी देने वाली एक केंद्र सरकार की एजेंसी को कंपनी द्वारा रिश्वत देने का आरोप लगना है। कंपनी पर रिश्वत देने का आरोप लगने के बाद बुधवार को Biocon के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई।

बीएसई पर शेयर 3.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 313.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर 313.35 रुपये पर पहुंच गया था। इसके बाद यह फिर से उस स्तर के करीब आ गया है।

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation (CBI) ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) के ज्वाइंट ड्रग कंट्रोलर एस ईश्वर रेड्डी और बायोकॉन बायोलॉजिक्स में एसोशिएट वाइस प्रेसिडेंट और नेशनल रेग्युलेटरी अफेयर्स (NRA) के प्रमुख एल प्रवीण कुमार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।


सीबीआई दिल्ली स्थित एक बिचौलिये की भूमिका की जांच कर रही है जिसने रिश्वत देने में भूमिका निभाई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस बिचौलिये ने कुमार और बायोकॉन बायोलॉजिक्स के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर रेड्डी को बायोकॉन की सहायक कंपनी के डायबिटीज इंजेक्शन इंसुलिन से संबंधित "तीन फाइलों को पास कराने" के लिए 9 लाख रुपये की रिश्वत देने की साजिश रची।

एफआईआर के अनुसार, रेड्डी ने 18 मई को CDSCO की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (SEC) में भाग लिया और बायोकॉन बायोलॉजिक्स के 'इंसुलिन एस्पार्ट इंजेक्शन' को लिए तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल से छूट दिये जाने का समर्थन किया।

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बायोकॉन ने एक बयान में कहा, "हम भारत में हमारे एक प्रोडक्ट्स की मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों का दृढ़ता से खंडन करते हैं।"

कंपनी ने आगे कहा “DCGI द्वारा अपने सभी प्रोडक्ट्स की मंजूरी के लिए बायोकॉन बायोलॉजिक्स उचित नियामक प्रक्रिया का पालन करता है। भारत में आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके साथ सभी मीटिंग के मिनट्स Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।

न्यूज रिपोर्ट के अनुसार यह भी आरोप लगाया गया है कि रेड्डी ने 18 मई को SEC की बैठक के मिनट्स में हेरफेर किया। इसके लिए सिफारिशों में "डेटा" शब्द को "प्रोटोकॉल" में बदल दिया। इस तरीके से बायोकॉन बायोलॉजिक्स को "गलत तरीके से लाभ पहुंचाया है"।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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