क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Clean Science and Technology) भारतीय और वैश्विक दोनों बाजारों में अच्छी पोजीशन में है। ब्रोकरेज हाउस रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) के अनुसार चीन से आयात करने की तुलना में भारत में उत्पादन की कम लागत के कारण इस कंपनी को इस बढ़ती हुई इंडस्ट्री में अवसरों से फायदा होगा।
ब्रोकरेज ने कहा "इसके अलावा इनकी मजबूत एक्जिक्यूशन क्षमताओं ने मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन और ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने में मदद की है। इसके अलावा इसका जोखिम रहित व्यापार मॉडल, विभिन्न उत्पादों में नेतृत्व की स्थिति और विस्तार से ग्रोथ को गति मिलेगी। वहीं वित्तीय मोर्चे पर नजर डालें तो कंपनी कर्ज मुक्त है और पिछले कुछ वर्षों में उनका प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है।"
ब्रोकरेज ने 2,509 रुपये प्रति शेयर के लक्ष्य मूल्य के साथ स्पेशियालिटी केमिकल स्टॉक पर एक खरीदारी की रेटिंग दी है क्योंकि यह मानता है कि इस केमिकल बनाने वाली कंपनी को अपनी लागत प्रतिस्पर्धा, उच्च निर्यात और मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को देखते हुए उद्योग के रुझानों से फायदा होगा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग ने आगे कहा कि वैश्विक बाजारों में स्पेशियालिटी केमिकल्स की बढ़ती मांग के साथ, भारत से निर्यात बढ़ रहा है। क्लीन साइंस इसके मुख्य लाभार्थियों में से एक है और इसके रेवन्यू का लगभग 67% हिस्सा निर्यात से आता है। भौगोलिक क्षेत्रों में चीन सीएसटी के लिए सबसे बड़ा बाजार है, इसके बाद यूरोप और अमेरिका का स्थान है।
साथ ही इस क्षेत्र कंपनियां भारत की ओर फोकस कर रही हैं और चीन में पर्यावरण मानदंडों को सख्त करने और चीन + 1 रणनीति अपनाने और सस्ते कच्चे माल के साथ-साथ लेबर उपलब्धता के कारण भारत से निर्यात बढ़ रहा है।
Clean Science के शेयरों ने पिछले साल जुलाई में शेयर बाजार में शुरुआत की थी। पुणे स्थित कंपनी परफॉर्मेंस केमिकल्स, फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट और एफएमसीजी केमिकल्स जैसे महत्वपूर्ण स्पेशियालिटी केमिकल्स बनाती है। नया लिस्टेड स्टॉक 2022 में अब तक लगभग 20% गिर चुका है।
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