Sugar shares : शुगर कंपनियों के स्टॉक्स में मंगलवार, 11 अक्टूबर को खासी हलचल है। बाजार में कमजोरी के बीच बीएसई पर इंट्राडे में इस सेक्टर के शेयरों में 13 फीसदी तक की तगड़ी रैली देखने को मिल रही है। बाजार को शुगर कंपनियों का ऑपरेशनल प्रदर्शन स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है।
उगर शुगर्स के शेयर 13 फीसदी उछले
उगर शुगर्स (Ugar Sugars) के शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 13 फीसदी मजबूत होकर 75.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। वहीं श्री रेणुका शुगर्स (Shree Renuka Sugars), अवध शुगर्स एंड एनर्जी (Avadh Sugar & Energy), उत्तम शुगर (Uttam Sugar), डालमिया भारत शुगर (Dalmia Bharat Sugar), धामपुर शुगर (Dhampur Sugar), त्रिवेणी इंजीनियरिंग (Triveni Engineering), द्वारिकेश शुगर (Dwarikesh Sugar) और बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills) में 2 से 5 फीसदी तक की मजबूती देखने को मिली। इसकी तुलना में एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स दोपहर लगभग 2 बजे 0.60 फीसदी गिरकर 57,630 के आसपास कारोबार कर रहा है।
शुगर कंपनियों का कितना रहेगा मार्जिन
रेटिंग एजेंसी इकरा (ratings agency ICRA) के मुताबिक, शुगर के साथ-साथ एथेनॉल से होने वाली कमाई के चलते वित्त वर्ष 23 में ऑपरेटिंग मार्जिन 13-13.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, ऑपरेटिन मार्जिन गन्ने की उपलब्धता पर काफी हद तक निर्भर है।
हालांकि, इकरा को चीनी की ऊंची कीमतों के साथ एथेनॉल से होने वाली कमाई के चलते वित्त वर्ष 23 में रेवेन्यू स्थिर रहने का अनुमान है। इसके अलावा, शुगर कंपनियों को चीनी के अच्छे निर्यात (हालांकि, इसके वित्त वर्ष 22 से कम रहने की संभावना है) और एथेनॉल वॉल्यूम में सुधार से भी सपोर्ट मिलेगा।
श्री रेणुका शुगर्स के शेयर 11 साल के हाई पर
उधर, Shree Renuka Sugars के स्टॉक्स लगभग 5 फीसदी मजबूती के साथ 68.70 रुपये के स्तर पर पहुंच गए जो सितंबर, 2011 के बाद का उच्चतम स्तर है। पिछले एक महीने के दौरान स्टॉक लगभग 40 फीसदी मजबूत हो चुका है, जबकि इस दौरान S&P BSE Sensex में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत का चीनी निर्यात सितंबर में समाप्त मार्केटिंग ईयर 2021-22 के दौरान 57 फीसदी बढ़कर 109.8 लाख टन हो गया। चीनी मार्केटिंग ईयर अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। निर्यात बढ़ने से देश में लगभग 40,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा का प्रवाह हुआ है। खाद्य मंत्रालय ने हाल में यह जानकारी देते हुए कहा, किसानों का गन्ना बकाया मार्केटिंग ईयर 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के अंत में केवल 6,000 करोड़ रुपये था। चीनी मिलें 1.18 लाख करोड़ रुपये की कुल देय राशि में से किसानों को पहले ही 1.12 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी हैं। खाद्य मंत्रालय ने कहा, भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता होने के साथ-साथ दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक भी है।
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