Tata Group : टाटा ग्रुप अपनी सभी मेटल कंपनियों का टाटा स्टील (Tata Steel) में मर्जर करने जा रहा है। इसके साथ टाटा स्टील एक बड़ी कंपनी के रूप में सामने आएगी। एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, Tata Steel Long Products, Tinplate Company of India, Tata Metaliks, TRF, Indian Steel & Wire Products, Tata Steel Mining and S&T Mining Company का Tata Steel में मर्जर कर दिया जाएगा।
यह प्रस्तावित एकीकरण टाटा स्टील की ग्रुप के होल्डिंग स्ट्रक्चर को सरल करना है। एनालिस्ट्स इसे एक पॉजिटिव कदम के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि इससे न सिर्फ तालमेल बढ़ेगा बल्कि टाटा स्टील के लिए कुछ सेविंग भी होगी।
एक स्वतंत्र मार्केट एक्सपर्ट आनंद टंडन ने सीएनबीसी टीवी-18 को बताया, “रणनीति के लिहाज से मर्जर सही नजर आता है।”
टाटा ने कहा, मर्जर से बचेंगे 700 करोड़ रुपये
प्रस्तावित एकीकरण से ग्रुप के भीतर कई कंपनियों के खत्म होने से ग्रुप का होल्डिंग स्ट्रक्चर सरल होगा। अनुमान है कि इससे कॉमन फैसिलिटीज का बेहतर इस्तेमाल, बेस्ट प्रैक्टिसेज की शेयरिंग, कंप्लायंस में कमी और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च व्यवस्थित होगा।
कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि मर्जर से 700 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो कंपनी रॉयल्टी फीस के रूप में सरकार को देती है।
क्या नीलाचल इस्पात के अधिग्रहण का दिखा असर
गो इंडिया स्टॉक्स के राकेश अरोड़ा ने कहा कि लंबी अवधि में यह फैसला पॉजिटिव है, क्योंकि इससे स्ट्रक्चर क्लीन होगा। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के तहत नीलाचल इस्पात का अधिग्रहण किया गया है। कंपनी को अगले दो साल में नीलाचल में 10 अरब डॉलर का निवेश करना है। टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स की बैलेंसशीट इतने बड़े इनवेस्टमेंट को सपोर्ट नहीं करती है।
टाटा स्टील के बोर्ड ने प्रस्तावित विलय के लिए पांच मेटल कंपनियों के शेयर स्वैप रेशियो को मंजूरी दी है। इसके मुताबिक, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के हर 10 शेयर के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 67 शेयर मिलेंगे। द टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया के हर 10 शेयर के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 33 शेयर मिलेंगे। टाटा मेटालिक्स के हर 10 शेयरों के बदले शेयरधारकों को टाटा स्टील के 79 शेयर मिलेंगे। टीआरएफ के हर 10 शेयरों के बदले शेयरधारक को टाटा स्टील के 17 शेयर मिलेंगे।
टीआरएफ में लगा 5 फीसदी का लोअर सर्किट
ज्यादातर स्वैप रेश्यो मौजूदा मार्केट प्राइस के आधार पर हैं। इसमें सिर्फ टीआरएफ के शेयरहोल्डर्स को नुकसान होगा, क्योंकि हाल के कुछ हफ्तों में इस शेयर में अच्छी रैली देखने को मिली है। स्टॉक में 23 सितंबर को लोअर सर्किट लग गया। अरोड़ा ने बताया, टीआरएफ के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।
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