Tata Motors arm Tata Technologies : वाहन कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी ग्लोबल प्रोडक्ट इंजीनियरिंग कंपनी और डिजिटल सर्विसेज कंपनी टाटा टेक्नोलॉजिस की वैल्यू को अनलॉक करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एविएशन सेगमेंट में बढ़ती डिमांड को देखते हुए इसके IPO के मूल्यांकन के लिए शुरुआती कदम बढ़ा दिए हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में कई सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है।
2004 के बाद होगा पहला आईपीओ
अगर योजना सफल रहती है तो दिग्गज डायवर्सिफाइड ग्रुप का 2004 में टीसीएस के बाद पहला IPO होगा। साथ ही 2017 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) के कार्यकाल का भी पहला आईपीओ होगा।
एक सूत्र ने कहा, टाटा टेक्नोलॉजिस के लिए IPO की प्रक्रिया हाल में शुरू की गई है और इनवेस्टमेंट बैंक सिटी को नियुक्त किया गया है। अभी तक प्रस्तावित इश्यू का स्ट्रक्चर स्पष्ट नहीं है।
शुरुआती चरण में है आईपीओ की योजना
चार अन्य लोगों ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि IPO पर काम शुरू कर दिया गया है और बाद के चरण में कुछ अन्य घरेलू और विदेशी बैंकों को जोड़ा जा सकता है।
मनीकंट्रोल द्वारा इस संबंध में भेजे गए ईमेल पर, टाटा टेक्नोलॉजिस ने कहा, हम बाजार की अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं।
टाटा मोटर्स की टाटा टेक्नोलॉजिस में 74 फीसदी हिस्सेदारी
Tata Motors की टाटा टेक्नोलॉजिस में 74 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2018 में टाटा मोटर्स आधिकारिक घोषणा के बाद टाटा टेक्नोलॉजिस की अल्पांश हिस्सेदारी (43 फीसदी) प्राइवेट इक्विटी कंपनी वारबर्ग पिनकस को बेचने से पीछे हट गई थी। कंपनी ने इसकी वजह नियामकीय मंजूरियां नहीं मिलना और बाजार के हालात के कारण आंतरिक प्रदर्शन से जुड़ी चुनौतियां बताई थीं। यह सौदा 36 करोड़ डॉलर में होना था।
उक्त डील की रूपरेखा के आधार पर फरवरी, 2018 में टाटा टेक्नोलॉजिस की 100 फीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू 83.7 करोड़ डॉलर थी।