NSE co location scam : केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व प्रमुखों चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna), रवि नारायण (Ravi Narain) और मुंबई पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे (Sanjay Pandey) के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई वर्ष 2009 और 2017 के बीच कथित रूप से एनएसई के कर्मचारियों के फोन टैपिंग के मामले में की गई है।
इस नई एफआईआर में फोन टैपिंग के अलावा कई अन्य अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
संजय पांडे के परिसरों पर छापेमारी जारी
सूत्रों ने नेटवर्क18 को बताया कि पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे के देश भर में स्थित परिसरों पर छापेमारी जारी है। एफआईआर में इस बात का उल्लेख है कि तीनों आरोपियों ने 2009 से 2017 के बीच गैर कानूनी तरीके से एनएसई कर्मचारियों के फोन टैप करवाए थे। चित्रा और नारायण ने इस अवैध सर्विलांस के लिए संजय पांडे की कंपनी को नियुक्त किया था।
सेबी ने 18 एंटिटीज को दोषी पाया
पिछले महीने, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने पाया कि एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण, एनसई के पूर्व सीओओ आनंद सुब्रमण्यन और एनएसई सहित 18 एंटिटीज 2015 के डार्क फाइबर केस में मिलीभगत की दोषी हैं।
18 एंटिटीज पर लगाई 43.8 करोड़ की पेनाल्टी
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर ने 18 एंटिटीज पर 43.8 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई थी, जिसमें से एनएसई पर अकेले 7 करोड़ की पेनाल्टी लगी थी। एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर रवि वाराणसी पर 5 करोड़ रुपये और रामकृष्ण पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।