Market outlook : हल्की बढ़त साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market outlook : मेटल शेयरों ने आज की तेजी की अगुवाई की। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज़्यादा उछला। वहीं तेल और गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि,IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में आई कमजोरी ने बेंचमार्क इंडेक्स की बढ़त को सीमित कर दिया। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया
Market cues :SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 23,270-23,250 के जोन में तुरंत सपोर्ट मिल रहा है
Market Outlook : बुधवार को एक उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद बेंचमार्क इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। इस तरह तीन दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया। आज मेटल,तेल से जुड़ी और कंज्यूमर कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी की भरपाई कर दी। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 49.74 अंक या 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,608.98 पर और निफ्टी 33.05 अंक या 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,412.60 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव रही। 1,690 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,328 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
मेटल शेयरों ने आज की तेजी की अगुवाई की। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज़्यादा उछला। वहीं तेल और गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि,IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में आई कमजोरी ने बेंचमार्क इंडेक्स की बढ़त को सीमित कर दिया। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने ब्रॉडर मार्केट से कमजोर प्रदर्शन किया निफ्टी बैंक इंडेक्स 99 अंक गिरकर 53,456 पर आ गया।
Nifty के 50 शेयरों में से 25 शेयरों में गिरावट आई और उतने ही शेयरों में बढ़त देखने को मिली। Nifty में शामिल शेयरों में एशियन पेंट्स, अदानी एंटरप्राइजेज और टाटा स्टील आज के टॉप गेनरों में रहे। जबकि आयशर मोटर्स,महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंफोसिस सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी मेटल में 3.18% की ज़बरदस्त बढ़त देखने को मिली,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और तेल-गैस में 1.67% और 1.28% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी IT में 1.13% और निफ्टी ऑटो में 1% की गिरावट रही। बैंक निफ्टी में भी 0.18% की गिरावट दर्ज की गई।
BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹456 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹459 लाख करोड़ हो गया,जिससे निवेशकों की वेल्थ एक ही सेशन में करीब ₹3 लाख करोड़ बढ़ गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सावधानी भरे माहौल के बीच लगभग सपाट बंद हुए,जबकि मिड और स्मॉल कैप शेयरों में गिरावट पर खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग के चलते ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
भारतीय शेयर बाजार के हालिया प्रदर्शन पर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव,डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के नए निचले स्तर पर पहुंचने और AI सेक्टर में हुई कुछ ऐसी घोषणाओं का असर पड़ा है जिन्होंने IT कंपनियों को प्रभावित किया है।
Nifty आज 23,500 के स्तर से नीचे बंद हुआ है। ये लगातार जारी मंदी के रुझान का संकेत है। RSI 50 से नीचे फिसल गया और MACD में एक 'बेयरिश क्रॉसओवर'दिखाई दिया,जिससे यह पता चलता है कि गिरावट की गति बढ़ रही है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए नियर टर्म आुटलुक मंदी से लेकर सतर्कता भरा बना हुआ है। एफआईआई की तरफ से लगातार बना हुआ बिकवाली का दबाव और कमजोर सेंटिमेंट बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। आगे बाजार में हाई वोलैटिलिटी की उम्मीद है।
निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,150-23,100 के स्तरों के आसपास है,जबकि तत्काल रेजिस्टेंस 23,600 पर है। 23,500 के नीचे जाने पर नियर टर्म में निफ्टी की कमजोरी बढ़ सकती है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी को 23,270-23,250 के जोन में तुरंत सपोर्ट मिल रहा है। अगर इंडेक्स इस जोन से नीचे जाता है तो शॉर्ट टर्म में इसकी कमजोरी बढ़कर 23,100 और 22,950 तक जा सकती है। ऊपर की तरफ,इंडेक्स को 23,530-23,550 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
SEBI-रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और Livelong Wealth के फाउंडर हरिप्रसाद के का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट लेवल बना हुआ है,जिसके बाद 23,100 पर अगला बड़ा सपोर्ट है,जहां पर OI (ओपन इंटरेस्ट) का काफी ज्यादा जमावड़ा है। 23,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर एक अहम डिमांड जोन बना हुआ है,जिसे पिछले स्विंग सपोर्ट का सहारा मिल रहा है। इस वजह से यह पूरे बाजार के ढांचे के लिए एक जरूरी बेस बन गया है। ऊपर की तरफ,23,500 अब तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसके आगे, 23,800 एक अहम रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है, जहां Call OI की भारी जमावट लगातार यह संकेत दे रही है कि बाजार में सप्लाई का दबाव बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी अंदरूनी कमजोरी दिखा रहे हैं। RSI (14) डेली टाइमफ्रेम पर 40 के निशान के आस-पास घूम रहा है। इसका मतलब है कि आज रिकवरी की कोशिशों के बावजूद,जब तक ऊपर की ओर बढ़ने का कोई मजबूत संकेत नहीं मिलता,तब तक बड़े पैमाने पर शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी मंदी वाला ही बना रहेगा।
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