कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग पर करेंगे विचार,अगले 3 सालों में 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का करेंगे निवेश: ITC

ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने इन्वेस्टर डे पर संकेत दिए हैं कि FMCG और IT कारोबार में नई कंपनियां खरीदने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए 3 साल में 10000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे।

अपडेटेड Dec 15, 2021 पर 9:05 AM
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ITC के चेयरमैन संजीवपुरी ने कहा है कि FMCG कारोबार के डीमर्जर और आईटी सब्सिडियरी की लिस्टिंग पर विचार के लिए कंपनी तैयार है।

ITC मैनेजमेंट ने कारोबार के पुनर्गठन ( restructuring) से इनकार नहीं किया है। कंपनी के चेयरमैन SANJIV PURI ने कहा है कि FMCG कारोबार के डीमर्जर और आईटी सब्सिडियरी (IT subsidiary)की लिस्टिंग पर विचार के लिए कंपनी तैयार है। कंपनी कारोबार में विस्तार के लिए अगले 3 सालों में 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करेगी।

ITC के चेयरमैन संजीव पुरी (Sanjiv Puri) ने इन्वेस्टर डे पर ये संकेत दिए हैं। उन्होंने ये संकेत भी दिए हैं कि FMCG और IT कारोबार में नई कंपनियां खरीदने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए 3 साल में 10000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। इसमें से 35-40 फीसदी रकम FMCG कारोबार के ग्रोथ में खर्च की जाएगी। वहीं, 25-30 फीसदी रकम पेपरबोर्ड और 10 फीसदी होटल कारोबार पर खर्च होगी।

बाकी रकम का निवेश एग्री कारोबार में किया जाएगा। कंपनी की तरफ से होटल कारोबार के डीमर्जर की योजना रद्द नहीं की गई है। कंपनी ने कहा है कि होटल इंडस्ट्री में रिकवरी के बाद डीमर्जर पर काम किया जाएगा।


कंपनी की तरफ से इस मीट में ये भी बताय गया है कि अभी बिजनेस ट्रैवेल कोविड से पहले के सिर्फ 40-50% पर ही आ पाया है। रूम रेंट कोविड से पहले के 70% पर आ गया है। आगे सिगरेट में स्थिर टैक्स की उम्मीद है।

इस इंवेस्टर मीट पर CLSA का कहना है कि कंपनी मैनेजमेंट ने कारोबार और मार्जिन विस्तार की स्ट्रैटेजी सामने रखी है। आगे कंपनी कारोबार विस्तार के लिए अधिग्रहण का रास्ता अपना सकती है। तंबाकू सेक्टर के लिए टैक्स का ढांचा पॉजिटिव है। होटल और इंफोटेक कारोबार के रीस्ट्रक्चरिंग का विकल्प भी खुला है। डीमर्जर से FMCG में वैल्यू अनलॉकिंग संभव है।

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आईटीसी के शेयर भाव में पीयर्स की तुलना में धीमी गति से बढ़त देखने को मिली है। बाजार के रिकॉर्ड ऊंचाई छूने पर भी कंपनी के शेयरों की चल अपेक्षाकृत कमजोर रही है जो कंपनी मैनेंजमेंट के लिए चिंता का विषय रही है।

बता दें कि कंपनी की पिछली एजीएम में भी संजीव पुरी ने शेयरधारकों से कहा था कि बोर्ड पिछले 5 वर्षों में अच्छे वित्तीय प्रदर्शन और लाभांश के रूप में 50,000 करोड़ से अधिक के भुगतान के बावजूद समूह के शेयर की कीमत की सराहना नहीं करने के बारे में चिंतित है। उन्होंने कहा था कि 2016-17 और 2019-20 के बीच आईटीसी की प्रति शेयर आय में 47% की वृद्धि हुई, जबकि गैर-सिगरेट एफएमसीजी व्यवसाय के मार्जिन में पिछले चार वर्षों में 640 आधार अंकों का सुधार हुआ।

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