विप्रो ने लगाया 52-वीक लो, एक महीने में 18% टूटा ये आईटी स्टॉक

आज के कारोबार में एक बार तो Wipro का शेयर इसके 4 मई 2021 के निचले स्तर से भी नीचे फिसल गया

अपडेटेड May 06, 2022 पर 6:22 PM
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा कि अगली तीन से चार तिमाहियों के लिए Wipro की मार्जिन पर दबाव बना रहेगा

विप्रो (Wipro) का शेयर ने शुक्रवार के इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर पिछले पांच दिनों की गिरावट को बढ़ाते हुए आज 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52हफ्ते के निचले स्तर 484 रुपये पर पहुंच गया। मार्च तिमाही (Q4FY22) के लिए कंपनी द्वारा निराशाजनक मार्जिन की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद इस अवधि के दौरान स्टॉक में 7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सॉफ्टवेयर और परामर्शदाता कंपनी का स्टॉक 4 मई, 2021 को 477.80 के लो को छुआ था। आज के कारोबार में ये स्टॉक इसके भी नीचे गिर गया है। पिछले एक महीने में एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स में 7.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है जबकि इसकी तुलना में इसमें 18 प्रतिशत की कमजोरी नजर आई है।

सालाना आधार पर विप्रो का मुनाफा 3.85 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत बढ़कर Q4FY22 में 3,087 करोड़ रुपये हो गया। सालाना आधार पर Q4FY22 के दौरान कंपनी की आय पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 16,245 करोड़ रुपये से 28 प्रतिशत बढ़कर 20,860 करोड़ रुपये हो गई।


कंपनी की डॉलर आय पर नजर डालें तो के कंपनी ने आईटी सेवाओं की आय तिमाही आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 2.72 अरब डॉलर हो गई है। कंपनी का EBIT तिमाही आधार पर 17 प्रतिशत रहा।

विप्रो ने कहा है कि बाजार में सौदों में एक स्ट्रक्चरल बदलाव देखने को मिला है। अब ग्राहक बड़े सौदों को मध्यम सौदों में ब्रेक कर रहे हैं।

मार्च तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद Voltas के शेयरों में दिखी 10% की गिरावट

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने रिजल्ट अपडेट में कहा "कंपनी ने मध्यम अवधि के लिए 17-17.5 प्रतिशत का EBIT margin guidance बनाए रखा है। उन्होंने ये कहा कि अगली तीन से चार तिमाहियों के लिए मार्जिन पर दबाव रहेगा। कंपनी ने कहा है कि उन्होंने तिमाही आधार पर 70 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति की फ्रिक्वेंसी में इजाफा किया है। "

इस बीच, Emkay Global Financial Services ने कमजोर Q4 नतीजे और निकट अवधि के मार्जिन दबावों को ध्यान में रखते हुए FY23 / FY24 के लिए EPS अनुमानों में 6.1 प्रतिशत / 4.7 प्रतिशत की कटौती की है। बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक ब्रोकरेज फर्म ने अपने रिजल्ट अपडेट में कहा "सशक्त जीएई और बिक्री और क्षमताओं में निवेश से कंपनी की आय वृद्धि हो सकती है।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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