Zomato shares sale : बीते साल सामने आईं शुरुआती यूनिकॉर्न्स में से एक जोमैटो के शेयरों में प्री-आईपीओ इनवेस्टर्स के लिए एक साल का लॉकइन पीरियड खत्म होने के बाद तगड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि 1,000 करोड़ रुपये के शेयर तुरंत बेचने की तैयारी है और इनवेस्टमेंट बैंकर्स ब्लॉक डील के लिए बुक तैयार कर रहे हैं।
किश्तों में होगी शेयर सेल
सूत्रों ने कहा कि खरीदारों की दिलचस्पी बेहद कम है और नए इनवेस्टर्स जोमैटो के शेयरों के मौजूदा मार्केट प्राइस की तुलना में डिस्काउंट पर खरीदने को राजी हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा, कई सेलर्स तैयार हैं और शेयर सेल किश्तों में देखने को मिल सकती है।
नियमों के तहत होगी बिकवाली
एक सूत्र ने कहा कि इनवेस्टर्स को कंपनी में बड़ी शेयरहोल्डिंग और बोर्ड में पोजिशन के कारण इनसाइडर्स माना जाता है। इसलिए, तिमाही नतीजों के ऐलान के 48 घंटों के तक उन पर रोक लागू रहती है। इसलिए, बड़े इनवेस्टर्स द्वारा बिकवाली बाद में नियमों के तहत हो सकती है।
जोमैटो के शेयर एक साल पहले 76 रुपये के इश्यू प्राइस के साथ लिस्ट हुए थे और फिलहाल यानी सोमवार को दोपहर 2.45 बजे शेयर लगभग 12 फीसदी की गिरावट के साथ 47.40 रुपये पर ट्रेड हो रहे हैं। मनीकंट्रोल की इस खबर पर जोमैटो के स्पोक्सपर्सन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
सूत्र ने यह भी कह कि नए खरीदार अपने निवेश के बाद तत्काल गिरावट से बचने के लिए जोमैटो की अगली शेयर सेल को लेकर सहज हो सकते हैं। वैश्विक मंदी के चलते डिजिटल कंपनियों को शेयरों की वैल्यू तेजी से गिरी है। इसका असर जोमैटो पर भी दिखा है।
इन्फोएज ने किस कीमत पर लिए थे शेयर
जोमैटो के शुरुआती इनवेस्टर्स में इन्फोएज शामिल है। संजीव बिखचंदानी की अगुआई वाली कंपनी बीते साल पब्लिक इश्यू के जरिये 357 करोड़ रुपये हासिल कर चुकी है, लेकिन इसके बाद भी फूड डिलिवरी कंपनी में उनकी 15.18 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू लगभग 6,330 करोड़ रुपये है।
जोमैटो के आईपीओ प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, इन्फोएज ने 1.16 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर जोमैटो के शेयर खरीदे थे। हालांकि, कंपनी ने अपनी फाइलिंग दूसरे बड़े शेयरहोल्डर्स के औसत खरीद मूल्य के बारे में नहीं बताया है।
ये हैं शुरुआती इनवेस्टर्स
जोमैटो के शुरुआती इनवेस्टर्स में अलीपे (7.1 फीसदी), एंट फाइनेंशियल (6.99 फीसदी), टाइगर ग्लोबल (5.11 फीसदी), सिकोइया कैपिटल (5.10 फीसदी) और टेमासेक (3.11 फीसदी) शामिल हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनवेस्टर्स को लॉकइन पीरियड खत्म होने के बाद उबर और डिलिवरी हीरो जैसे शेयरहोल्डर्स के रुख पर नजर रखनी चाहिए। ये कंपनियां पहले से आर्थिक मंदी की आशंका के चलते दबाव में हैं। इसलिए ये जोमैटो में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर सकती हैं।