Nvidia fuels IT Stocks: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज आईटी शेयरों में जोरदार रैली आई। इसे घरेलू मोर्चे के साथ-साथ वैश्विक मोर्चे पर भी सपोर्ट मिला। शुरुआती कारोबार में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक उछल पड़ा था और सिर्फ इसी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से अधिक तेजी दिखी थी। इंफोसिस (Infosys) और एचसीएलटेक (HCLTech) जैसे आईटी शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है,जब दक्षिण कोरिया का टेक हैवी इंडेक्स KOSPI करीब 3% गिर गया और इसकी वजह दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया का कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान है, जिससे एआई स्टॉक्स धड़ाम हो गए और भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर चमक गए।
क्यों हुए AI Stocks धड़ाम
दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया ने इस साल के आखिरी तक कीमतों में 15% की बढ़ोतरी का ऐलान किया तो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर के शेयर धड़ाम हो गए। इससे निवेशकों में चिंता बढ़ी कि एआई कंपनियों का भारी खर्च और कम मुनाफा लंबे समय तक टिक पाएगा या नहीं। चूंकि एआई कंपनियों में पूंजीगत निवेश बहुत अधिक है और इसकी तुलना में रेवेन्यू और मुनाफा कम है तो कीमतों में बढ़ोतरी ने परेशानी और बढ़ा दी। इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों पर बढ़ते दबाव ने भी एमेजॉन (Amazon), मेटा (Meta), गूगल (Google) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी बड़ी टेक कंपनियों के बड़े पैमाने पर किए जाने वाले निवेश कितना फायदेमंद साबित होंगे, इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए।
एआई स्टॉक्स की गिरावट पर क्यों बढ़ी भारतीय आईटी कंपनियों की चमक
आमतौर पर एआई से जुड़े शेयरों की तेजी पर जब भी ब्रेक लगता है, सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों की चमक बढ़ जाकी है, खासतौर से अमेरिका को सर्विसेज निर्यात करने वाली भारत की आईटी सर्विसेज कंपनियां के शेयर। इन्हें अक्सर एंटी-एआई बेट्स कहा जाता है। पिछले कुछ महीनों में एआई की तेजी ने भारतीय आईटी स्टॉक्स को बुरी तरह तोड़ दिया था। कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर अभी भी इस साल की शुरुआत की तुलना में काफी नीचे हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।