HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11526 करोड़ का घाटा, फोकस में रहेगा स्टॉक

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी HPCL जून तिमाही में ₹11,526 करोड़ के घाटे में पहुंच गई। रेवेन्यू बढ़ने और रिफाइनिंग मार्जिन मजबूत रहने के बावजूद कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और पश्चिम एशिया संकट ने मुनाफे पर असर डाला। अब निवेशकों की नजर शेयर की चाल पर रहेगी।

अपडेटेड Jul 22, 2026 पर 8:46 PM
HPCL का शेयर नतीजों से पहले बुधवार को 3.1% गिरकर ₹394.35 पर बंद हुआ।

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) को जून तिमाही में बड़ा झटका लगा है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ₹11,526.4 करोड़ के कंसोलिडेटेड घाटे में चली गई। पिछली मार्च तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कमजोर मार्केटिंग मार्जिन की वजह से उसका मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हुआ।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA घाटे में


जून तिमाही में HPCL का रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह ₹1.15 लाख करोड़ था।

हालांकि, कंपनी का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में रहा। जबकि मार्च तिमाही में ₹8,979 करोड़ का EBITDA प्रॉफिट दर्ज किया गया था।

GRM बढ़ा, फिर भी क्यों हुआ घाटा?

तिमाही के दौरान HPCL का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) 23.80 डॉलर प्रति बैरल रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 3.08 डॉलर प्रति बैरल था।

इसके बावजूद कंपनी घाटे में रही। HPCL का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों पर मार्केटिंग मार्जिन दबाव में रहा। इसी वजह से रिफाइनिंग से अच्छी कमाई होने के बावजूद कुल मुनाफे पर असर पड़ा। कंपनी को इस दौरान ₹15.21 करोड़ का विदेशी मुद्रा घाटा भी हुआ।

पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ी

तिमाही के दौरान HPCL की कुल बिक्री, जिसमें निर्यात भी शामिल है, 0.6% बढ़कर 13.12 MMT रही। घरेलू बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें 0.1% की मामूली गिरावट आई।

हालांकि, पेट्रोल और डीजल की संयुक्त बिक्री 8.1% बढ़कर 8.8 MMT पहुंच गई। कंपनी ने 17.29 लाख टन LPG की बिक्री की। वहीं, पाइपलाइन के जरिए 6.61 MMT उत्पादों का परिवहन किया गया।

विस्तार पर भी फोकस

जून तिमाही में HPCL ने ₹1,734 करोड़ का कैपेक्स किया। यह निवेश रिफाइनिंग और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, नई क्षमता बढ़ाने और दूसरे कारोबार में विस्तार के लिए किया गया।

कंपनी को HPLNG छारा टर्मिनल पर हर मौसम में परिचालन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है। 30 जून 2026 तक HPCL के पास 25,160 रिटेल आउटलेट, 6,391 LPG डिस्ट्रीब्यूटर और 54,586 PNG कनेक्शन थे।

HPCL का शेयर नतीजों से पहले बुधवार को 3.1% गिरकर ₹394.35 पर बंद हुआ।

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