OMCs Stocks: ईरान और अमेरिका-इजरायल की गहराती जंग ने कच्चे तेल की आंच बढ़ा दी और एक बैरल ब्रेंट क्रूड $112 के पार चला गया। इसने दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा दिया और तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयरों पर तो ऐसा दबाव बना कि यह टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले पर आ गए। वहीं इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के शेयर भी फिसल गए। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी भी नहीं संभाल पाई।
आज बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर 7.01% की गिरावट के साथ ₹324.80 (Hind Petro Share Price) पर बंद हुआ है। इंडियन ऑयल की बात करें तो आज यह 3.91% की फिसलन के साथ ₹142.70 (Indian Oil Share Price) और भारत पेट्रोलियम के शेयर 5.83% की गिरावट के साथ ₹286.00 (BPCL Share Price) पर बंद हुआ है। इंडियन ऑयल के शेयर आज इंट्रा-डे में 4.34% टूटकर ₹142.05, बीपीसीएल के शेयर 6.29% फिसलकर ₹284.60 और एचपीसीएल के शेयर 7.87% गिरकर एक साल के निचले स्तर ₹321.80 तक आ गए थे।
इस कारण Indian Oil, Hind Petro और BPCL पर बना दबाव
कच्चे तेल में तेजी ने सरकारी तेल रिफाइनरी पर दबाव बना दिया। इजरायल और ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर हमले ने कतर और ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी गैस प्रोडक्शन फैसिलिटी पर असर डाला जिसने कच्चे तेल में आग लगा दी। ब्रेंट क्रूड फिलहाल प्रति बैरल $113 के करीब पहुंच गया जबकि अमेरिकी क्रूड यानी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट भी $100 के करीब पहुंच गया।
क्या है ब्रोकरेज फर्मों का रुझान?
हाल ही में ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने वित्त वर्ष 2027 के लिए तेल की कीमतों का अपना अनुमान बढ़ाकर प्रति बैरल $85 और वित्त वर्ष 2028 के लिए $75 कर दिया। ब्रोकरेज का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को तय करने की स्वतंत्रता न होने के चलते तेल और गैस कंपनियों को कच्चे तेल और माल ढुलाई/बीमा की बढ़ी हुई लागतों को सहन करना होगा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि तेल और गैस कंपनियों को पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हुए मार्केटिंग मार्जिन से फायदा मिला है, लेकिन कमाई की कमजोरी इस फायदे को कम कर सकती है।
कोटक ने इंडियन ऑयल के टारगेट प्राइस ₹125 से घटाकर ₹100, बीपीसीएल का टारगेट प्राइस ₹300 से घटाकर ₹240 और एचपीसीएल का टारगेट प्राइस ₹335 से कम कर ₹235 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने तीनों पर अपनी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। 20 जनवरी को ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया था कि तेल के भाव में औसतन प्रति बैरल $1 का बदलाव होने पर इन तेल बेचने वाली कंपनियों के ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर 7% तक असर पड़ सकता है।
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