हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के शेयर आज धराशायी हो गए हैं। इंट्रा-डे में यह करीब 11 फीसदी टूट गया। इसके शेयरों में यह गिरावट सरकार के एक प्रस्ताव के चलते है। सरकार ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हुडको की 7 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा। मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के जरिए राष्ट्रपति ने हुडको के शेयरों को बेचने की मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी हुडको के शेयर इंट्रा-डे में बीएसई पर 10.97 फीसदी टूटकर 80.06 रुपये पर आ गए। दिन के आखिरी में बीएसई पर आज यह 10.65 फीसदी की गिरावट के साथ 80.34 रुपये (HUDCO Share Price) पर बंद हुआ है।
रेगुलेटरी फाइलिंग में दी जानकारी के मुताबिक इसका फ्लोर प्राइस 79 रुपये फिक्स किया गया है जो 17 अक्टूबर के क्लोजिंग प्राइस से करीब 12 फीसदी डिस्काउंट पर है। यह ऑफर फॉर सेल इश्यू 18 अक्टूबर को खुलेगा। सरकार ने 7 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है। इसमें 3.5 फीसदी यानी 7 करोड़ शेयरों के लिए नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स बोली लगा सकते हैं। ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में अतिरिक्त 3.5 फीसदी के शेयरों की बिक्री हो सकती है। खुदरा निवेशकों के लिए यह इश्यू 19 अक्टूबर को खुलेगा।
ऑफर फॉर सेल का करीब 10 फीस इश्यू खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। कम से कम 25 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंडों के लिए रहेगा। अगर इश्यू का कोई हिस्सा सब्सक्राइब नहीं हो पाता है तो इसे नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स को ऑफर किया जाएगा जिन्होंने अपनी बोली को 19 अक्टूबर तक कैरी फारवर्ड किया है।
HUDCO के लिए क्यों लाना पड़ा यह ऑफर
सरकार ने यह ऑफर सेबी के एक नियम के चलते लाया है। सेबी के नियमों के तहत किसी लिस्टेड कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग कम से कम 25 फीसदी होनी चाहिए। सितंबर 2023 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें सरकार की हिस्सेदारी 81.81 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग महज 18.19 फीसदी है।