आज देश का सबसे बड़ा Hyundai Motor India का IPO खुला है। मारुति के बाद करीब 20 साल बाद किसी ऑटो कंपनी का IPO आया है। 28000 करोड़ के इस मेगा IPO को एंकर निवेशकों ने भी हाथों हाथ लिया है। IPO के बाद कंपनी के ग्रोथ प्लान और आगे के रोडमैप पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज साथ जुड़े Hyundai Motor India के COO और होल टाइम डायरेक्टर तरुण गर्ग।
तरुण गर्ग ने बातचीत की शुरुआत करते हुए बताया कि कंपनी में Hyundai का उच्चारण हंडे किया जाता है। हालांकि आमतौर पर लोग ह्युंडई या हुंडई उच्चारण करते हैं। तरुण ने आगे कहा कि इस इश्यू को एंकर निवेशकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। एंकर निवेशकों से 8315 करोड़ रुपए का फंड मिला है। एंकर बुक में निवेश करने वाले में घरेलू और विदेशी फंड़ों ने बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी ली है। विदेशी फंडों में ब्लैकरॉक, वैनगॉर्ड और गोल्डमैन सेक्स जैसे नाम शामिल हैं। इस इश्यू को लोकल निवेशकों से बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। 21 एमएफ ने 83 लाइंस के जरिए लगभग 34.4 फीसदी की एंकर एलोकेशन हासिल की है। ये कंपनी के लिए बहुत अच्छा संकेत है।
क्या ये आईपीओ बहुत महंगा नहीं हैं क्योंकि इस आईपीओ को प्राइस टू अर्निंग्स के 27 गुना पर लाया गया है। वहीं, मारुति का प्राइस टू अर्निंग 29 गुना पर है, क्या यह आईपीओ 21 गुना पीई पर लाया जाता तो ज्यादा बेहतर नहीं होता?
इस सवाल के जवाब में तरुण ने कहा कि आईपीओ का वैल्यूएशन तो बैंकरों के फीडबैक पर ही आधारित है। कल की एंकर बुक पर नजर डालें तो यह इतनी अच्छी तरह से डाइवर्सीफाइड है कि मन खुश हो जाता है। आगे कपनी में ग्रोथ की व्यापक संभावना है। बाजार से अब तक आईपीओ को जो रिस्पांस मिला है उससे लगता है कि ये वैल्यूएशन बाजार को पंसद आया है।
डिविडेंड पॉलिसी पर बात करते हुए तरुण ने कहा कि कंपनी जब से भारत में काम कर रही है तब से डिविडेंड दे रही है। कोविड पीरियड में डिविडेंड नहीं दिया जा सका था जिसकी भरपाई करनी थी। इसीलिए आईपी के पहले डिविडेंड का एलान किया गया था। आईपीओ प्रॉसेस की पूरी तरह से पारदर्शी और कन्फ्यूजन से मुक्त रखने को लिए आईपीओ से पहले डीविडेंड का एलान कर दिया गया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्री की बेस्ट प्रैक्टिस के मुताबित डिविडेंट पॉलिसी का एलान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा मदर कंपनी को दी जाने वाली रायल्टी पर बात करते हुए तरुण ने कहा कि कंपनी द्वारा दी जाने वाली 3.5 फीसदी की रायल्टी लंबे समय तक कायम रहने वाली है। इसमें जल्दी किसी फेरबदल की उम्मीद नहीं है।
तरुण ने बताया कि आगे कंपनी क्रेटा ईवी के साथ ही और तीन नए मॉडल लाने की तैयारी में हैं। कंपनी बेंचमार्च को नई ऊंचाई पर सेट करने और भारतीय बाजार में नई टेक्नोलॉजी लाने पर अपना फोकस बनाए रखेगी।
तरुण ने आगे कहा कि अपने भारतीय कारोबार में मुनाफे के साथ कंपनी ने ग्रोथ हासिल की। एक्सपोर्ट सेगमेंट मजूबत है। कंपनी के कुल वॉल्यूम में एक्सपोर्ट का 20 फीसदी हिस्सा है। भारतीय बाजारों में HYUNDAI की अपनी पकड़ मजबूत है। HYUNDAI की स्ट्रैटेजी बाकी कंपनियों से अलग है।
HYUNDAI की पेरेंट कंपनी दूनिया की तीसरी बड़ी OEM बन गई है। FY25 के नतीजों के बाद डिविडेंड पॉलिसी तय करेंगे। रॉयल्टी बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। IPO के बाद निवेशकों के प्रति बड़ा कमिटमेंट है। HYUNDAI ने हमेशा नए नए सेगमेंट पेश किए हैं आगे भी यह परंपरा जारी रहेगी।