क्या दिसंबर में होम लोन और कार लोन महंगे हो जाएंगे? जानिए ICICI Bank ने क्या कहा है

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान 5 अगस्त को किया। तीन दिन तक चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय बैंक ने अपना रुख भी तटस्थ यानी Neutral रखने का ऐलान किया

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 12:28 PM
मध्यपूर्व में लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ा है।

आरबीआई दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। यह अनुमान आईसीआईसीआई बैंक ने जताया है। एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से यह यह जानकारी दी है। आईसीआईसीआई बैंक का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आरबीआई दिसंबर में रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स के इजाफे के साथ इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है।

क्रूड की कीमतों में नरमी आई तो अप्रैल में बढ़ेगा रेपो रेट

ICICI Bank का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतो में नरमी आती है तो फिर आरबीआई अगले साल अप्रैल में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। उसने कहा है कि अप्रैल से इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद ज्यादा है। गौरतलब है कि आरबीआई ने 5 अगस्त को लगातार चौथी बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।


RBI ने 5 अगस की पॉलिसी में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान 5 अगस्त को किया। तीन दिन तक चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय बैंक ने अपना रुख भी तटस्थ यानी Neutral रखने का ऐलान किया। हालांकि, आरबीआई ने ग्रोथ के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया और इनफ्लेशन के अनुमान को थोड़ा कम किया।

ICICI Bank को जीडीपी ग्रोथ RBI के अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद

आरबीआई ने 5 जुलाई को जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया। हालांकि, ICICI Bank का मानना है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ आरबीआई के अनुमान से ज्यादा रह सकती है। प्राइवेट बैंक ने FY27 में जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी और FY28 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

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मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की पॉलिसी पर पड़ रहा

मध्यपूर्व में लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ा है। क्रूड ऑयल सहित कई कमोडिटी की सप्लाई में बाधा से उनकी कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर इनफ्लेशन पर पड़ रहा है। भारत में भी रिटेल इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज को पार कर चुका है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ी है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।

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