ICICI Lombard share Price: आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस का शेयर 16 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। उसके बाद बिकवाली दबाव से 13 फीसदी तक गिर गया। बाद में थोड़ा संभला। 11 बजे शेयर का प्राइस 10.78 फीसदी गिरकर 1,618.80 रुपये पर चल रहा था। इसकी वजह कंपनी का जून तिमाही में कमजोर प्रदर्शन है। जून तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में 46 फीसदी गिरावट आई है।
जून तिमाही में प्रॉफिट 46 फीसदी गिरा
ICICI Lombard General Insurance ने 15 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 46 फीसदी गिरकर 403 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 747 करोड़ रुपये था। प्रॉफिट में गिरावट की वजह क्लेम का बढ़ना और इंश्योरेंस बिजनेस में कमजोरी है।
प्रॉफिट में गिरावट की दो बड़ी वजहें
आईसीआईसीआई लोंबार्ड ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है कि प्रॉफिट पर फायर सेगमेंट में दो बड़े लॉसेज का असर पड़ा। इसके अलावा मोटर टीपी पोर्टफोलियो पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर भी प्रॉफिट पर पड़ा। जून तिमाही में कंपनी की कुल इनकम बढ़कर 6813 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,083 करोड़ रुपये थी। ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम बढ़कर 8,318 करोड़ रुपये रहा।
ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर के टारगेट प्राइस घटाए
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसे प्रॉफिट में बड़ी गिरावट बताया है। उसने कहा है, "हम शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर न्यूट्रल कर रहे हैं। शेयर का टारगेट प्राइस 1,960 रुपये है।" ब्रोकरेज फर्म Emkay ने भी ICICI Lombard के शेयर का टारगेट प्राइस 10 फीसदी घटाकर 1,900 रुपये कर दिया है। लेकिन, उसने शेयरों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने FY27 में कंपनी के टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) के अनुमान को 21 फीसदी तक घटा दिया है।
2026 में 18 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर
आईसीआईसीआई लोंबार्ड का शेयर इस साल करीब 18 फीसदी गिरा है। इस दौरान शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 7.60 फीसदी गिरा है। 16 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी के बावजूद कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। 11:15 बजे निफ्टी 0.31 फीसदी यानी 75 अंक चढ़कर 24,152 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.37 फीसदी यानी 286 अंक के उछाल के साथ 77,483 पर था। हालांकि, बैंक निफ्टी में हल्की गिरावट दिखी। 15 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे।