ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने स्विगी और जोमैटो के शेयरों में अगले एक साल में 127% तक के रिटर्न का अनुमान जताया है। ब्रोकरेज ने कहा कि उसने इन दोनों शेयरों पर अपनी BUY की रेटिंग को बरकरार रखा है। ICICI Securities ने स्विगी का टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर और जोमैटो का टारगेट प्राइस 310 रुपये प्रति शेयर रखा है। अगर ये दोनों टारगेट प्राइस हासिल होते हैं तो स्विगी के शेयरों मौजूदा स्तर से 127% तक की तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि जोमैटो के शेयरों में 40% का रिटर्न मिल सकता है।
ICICI Securities ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने इन दोनों शेयरों को कई पैमानों पर चेक किए हैं। ये चेक्स बताते हैं कि इन कंपनियों में डिस्काउंट देने का ट्रेंड अब अपने पीक लेवल से नीचे आ चुका है, जो नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच सबसे ऊंचे स्तर पर था। इसके अलावा कंपनियां अब छोटे ऑर्डर्स पर डिस्काउंट देने की बजाय, बड़े ऑर्डर वॉल्यूम को बढ़ावा दे रही हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि इन दोनों कंपनियों के परफॉर्मेंस मार्केटिंग खर्चों में भी कटौती हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनियां अब टिकाऊ ग्रोथ की ओर बढ़ रही हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि हाल के महीनों में इन दोनों शेयरों में कैश बर्न से जुड़ी चिंताओं के चलते गिरावट आई थी, लेकिन अब यह स्थिति बदल सकती है।
ICICI सिक्योरिटीज की इस रिपोर्ट के बाद आज 4 मार्च को इन दोनों में शानदार तेजी देखने को मिली। स्विगी का शेयर 7.28 पर्सेंट बढ़कर 350 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, ये अभी भी ₹390 रुपये के अपने IPO प्राइस से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं जोमैटो का शेयर आज करीब सवा 2 फीसदी बढ़कर 226.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। लेकिन ये भी अपने ₹304 के ऑल-टाइम हाई से करीब 26% नीचे गिर चुका है। सिर्फ इस साल इसके शेयरों मे अबतक 18 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
ICICI Securities के अनुसार, जो निवेशक एक साल या उससे ज्यादा समय का नजरिया रखते हैं, उनके लिए यह सेक्टर आकर्षक लग सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियां लंबी अवधि में अच्छा मुनाफा दे सकती हैं, बशर्ते वे अपने कैश बर्न को काबू में रखें।
बाकी एनालिस्ट्स की बात करें तो, स्विगी के शेयर को फिलहाल अभी 17 एनालिस्ट्स कवर कर रहे हैं। इनमें 12 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की, 2 ने होल्ड करने की और 3 ने बेचने की सलाह दी है। दूसरी ओर जोमैटो के शेयर को इस समय करीब 30 एनालिस्ट्स कवर कर रहे हैं। इसमें 25 ने इसे BUY करने, एक ने होल्ड करने और 4 ने बेचने की सलाह दी है।
दिग्गज निवेशक और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के को-फाउंडर रामदेव अग्रवाल ने भी हाल ही में क्विक कॉमर्स सेक्टर को लंबी अवधि के लिए अच्छा दांव बताया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में इनकम टैक्स छूट को बढ़ाने का ऐलान किया। इसके चलते शहरी इलाकों में खपत को बढ़ावा मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा स्विगी और जोमैटो जैसी क्विक-कॉमर्स कंपनियों को मिल सकता है।
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