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IDBI Bank Share Price: शेयर खरीदने की मची होड़, कीमत 10% तक उछली; सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री पर आया नया अपडेट

IDBI Bank Share Price: कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड, IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में सबसे आगे है। इसकी सब्सिडियरी फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स यह खरीद कर सकती है

Curated By: Ritika Singhअपडेटेड Aug 24, 2026 पर 2:30 PM
IDBI Bank Share Price: शेयर खरीदने की मची होड़, कीमत 10% तक उछली; सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री पर आया नया अपडेट
सरकार IDBI Bank में अपनी और LIC की हिस्सेदारी में से 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

IDBI Bank Ltd के शेयरों में 24 अगस्त को बंपर खरीद हो रही है। शेयर की कीमत ​में दिन में पिछले क्लोजिंग प्राइस से 10 प्रतिशत तक का तगड़ा उछाल ​देखने को मिला। BSE पर भाव 90.80 रुपये के हाई तक गया। बैंक का मार्केट कैप बढ़कर 95700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर में लगातार तीसरे दिन बढ़त है। बैंक में सरकारी हिस्सेदारी की बिकी की प्रक्रिया चल रही है। सरकार अपनी हिस्सेदारी लंबे वक्त से कम करना चाहती है। विनिवेश के तहत सरकार का इरादा 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का है। वहीं LIC, बैंक में 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड, IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में सबसे आगे है। इसकी सब्सिडियरी फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स यह खरीद कर सकती है। शुक्रवार, 21 अगस्त का रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि खरीद की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल को भारत में अपनी बैंकिंग होल्डिंग्स को कंसोलिडेटेड करने के लिए 2 साल तक का समय मिल सकता है।

कहा जा रहा है कि फेयरफैक्स के साथ डील लगभग फाइनल है और जल्द ही इस बारे में घोषणा हो सकती है। इससे पहले जानकारी सामने आई थी कि फेयरफैक्स के साथ IDBI Bank के सौदे से सरकार और LIC, दोनों मुख्य शेयरधारकों को लगभग 50,000 करोड़ रुपये या 5 अरब डॉलर से कुछ अधिक मिल सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि फेयरफैक्स ने प्रतिबद्धता जताई है कि बैंकिंग क्षेत्र में IDBI बैंक ही उसका एकमात्र निवेश होगा। नतीजतन, IDBI बैंक का अधिग्रहण करने पर वह CSB बैंक में अपनी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पूरी तरह से बेच देगी। RBI के नियम कहते हैं कि कोई प्रमोटर दो बैंकिंग लाइसेंस नहीं रख सकता है।

CSB बैंक का IDBI Bank में विलय भी एक विकल्प

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