कल कैबिनेट की बैठक में FDI नियमों में ढील देने का फैसला किया गया। साथ ही जल जीवन मिशन पर अतिरिक्त आंवटन बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। इन फैसलों के कई सेक्टरों और शेयरों को फायदा होगा। कैबिनेट से प्रेस नोट 3 में बदलाव को मंजूरी मिली है। इसके जरिए चीन से आने वाले FDI नियमों में ढील दी गई है। इससे छोटे या सीमित FDI निवेश की प्रक्रिया आसान होगी। FDI नियमों में ढील से कई सेक्टर में पूंजी आएगी। 2020 में सरकार ने प्रेस नोट 3 में बदलाव किए थे। अब 10% तक FDI के लिए मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। FDI के प्रस्तावों पर फैसला 60 दिनों में होगा।
पहले के नियम के तहत, भारत के साथ ज़मीनी बॉर्डर शेयर करने वाले देशों की कंपनियों को (या ऐसे देशों में फ़ायदेमंद मालिकाना हक रखने वाली कंपनियों को)भारत में किसी भी सेक्टर में निवेश करने से पहले सरकार से ज़रूरी मंज़ूरी लेनी होती थी। यह नियम सात पड़ोसी देशों पर लागू होता है। इनमें चीन,बांग्लादेश, पाकिस्तान,भूटान,नेपाल,म्यांमार और अफ़गानिस्तान शामिल हैं।
FDI में ढ़ील से इन सेक्टरों को होगा फायदा
FDI में ढ़ील से कैपिटल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक कैपिटल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और पॉलीसिलिकॉन & इनगॉट वाटर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। FDI नियमों में ढील से कैपिटल गुड्स बनाने वाली कंपनियों को सपोर्ट मिलेगा। सरकार का ये फैसला EMS कंपनियों के लिए पॉजिटिव है। सोलर सेल और रिन्युएबल मैन्युफैक्चरर को भी इससे फायदा होगा।
जल जीवन मिशन का होगा विस्तार
जल जीवन मिशन के विस्तार को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। जल जीवन मिशन 2028 तक बढ़ाया जाएगा। जल जीवन के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन होगा। जल जीवन मिशन के आवंटन में 4 गुना बढ़ोतरी की गई है। इस योजना के लिए कुल आवंटन 8.69 लाख करोड़ रुपए होगा। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 3.59 लाख करोड़ रुपए और राज्य सरकार का हिस्सा 5.10 लाख करोड़ रुपए होगा।
जल जीवन मिशन से पाइप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को फायदा मिलेगा। वाटर ट्रीटमेंट और EPC कंपनियों को भी बूस्ट मिलेगा। इंफ्रा और EPC से जुड़ी कंपनियां भी इससे फायदे में रहेंगी। यह योजना पंप और वाटर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर के लिए पॉजिटिव है। जलजीवन मिशन से फायदे में रहने वाली कंपनियों में वेलस्पन कॉर्प, फिनोलेक्स इंड,एस्ट्रल लिमिटेड,वीए टेक वाबैग,आयन एक्सचेंज,जैन इरिगेशन,केएनआर कंस्ट्रक्शन्स और दिलीप बिल्डकॉन शामिल हैं।
मदुरै एयरपोर्ट में अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। संतरागाछी-खड़गपुर 4TH लाइन के लिए 2905 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सैंतिया-पाकुड़ 4TH लाइन के लिए 1569 करोड़ रुपए और NH-752D की फोर लेनिंग के लिए 3839 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी जेवर-फरीदाबाद एलिवेटेड रोड के लिए 3631 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। IBC में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।