बाजार के इस करेक्शन में फार्मा सेक्टर में नजर आ रहे कमाई के अच्छे मौके, जानिए ब्रोकरेज की राय

एनालिस्ट का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 के एक बड़े हिस्से में कच्चे माल की कीमतों में बढ़त सप्लाई में बनी दिक्कत बनी रहेगी। हालांकि सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है.

अपडेटेड Mar 29, 2022 पर 6:56 AM
Story continues below Advertisement
भारतीय और अमेरिकी बाजारों में मजबूत आउटलुक के साथ ही तमाम भारतीय कंपनियों के यूक्रेन संकट का बड़ा फायदा मिलता सकता है.

Pharma sector outlook:निफ्टी फार्मा इंडेक्स इस साल अब तक 4.65% गिर चुका है। रूस और यूक्रेन वार के चलते बाजार में आए उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोत्तरी ने इस सेक्टर को भारी चोट पहुंचाई है। लेकिन बाजार जानकारों का कहना कि इस तरह की खबरों के असर को बजार अब तक काफी हद तक पचा चुका है। आने वाली तिमाही में फार्मे सेक्टर अब अच्छा प्रदर्शन करता दिखेगा। Antique Stock Broking के एनालिस्ट का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 के एक बड़े हिस्से में कच्चे माल की कीमतों में बढ़त सप्लाई में बनी दिक्कत बनी रहेगी। हालांकि सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। Antique Stock Broking का कहना है कि उसके कवरेज में शामिल अधिकांश कंपनियों के अर्निंग डाउनग्रेडिंग करनी पड़ी है। लेकिन वर्तमान भाव पर इस सेक्टर का रिस्क-रिवार्ड रेश्यो काफी अच्छा दिख रहा है।

Ruchi Soya पर SEBI का एक्शन, रिटेल निवेशकों को FPO से बोली वापस लेने का दिया मौका

Antique Stock Broking उन एपीआई (APIs)बनाने वाली कंपनियों की तुलना में उन लार्ज कैप कंपनियों को ज्यादा वरीयता देने को पक्ष में है जिनका घरेलू और अमेरिकी फार्मूलेशन कारोबार में बड़ा एक्सपोजर है। अमेरिका जैसे दुनिया के सबसे बडे़ फार्मा मार्केट में भारतीय कंपनियों के लिए स्थितियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। FY23 में भारतीय कंपनियां अमेरिका में तमाम प्रोडक्ट लॉन्च करने वाली हैं। इससे कंपनियों को वर्तमान प्राइसिंग प्रेसर से निपटनें में सहायता मिलेगी।


Sunidhi Securities के रणवीर सिंह का कहना है कि ट्रैवल प्रतिबंधों में ढ़िलाई से यूएस ड्रग इंस्पेक्टर ज्यादा से ज्यादा विजिट कर सकेंगे। इसके लंबे समय से एफडीए की मंजूरी के चक्कर में फंसे यूनिटों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। अगली 2-3 तिमाहियों में फार्मा सेक्टर के आउटलुक में और सुधार देखने को मिलेगा।

एनालिस्ट का कहना है कि घरेलू बाजार में भी फार्मा कंपनियां ग्रोथ के नजरिए से काफी अच्छी नजर आ रही हैं। क्रॉनिक केयर प्रोडक्ट्स के नए रेंज से आगे फार्मा कंपनियों की ग्रोथ में तेजी आने की संभावना है। हालांकि जून तिमाही में कंपनियों को हाई बेस के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन वित्त वर्ष 2023 के लिए फार्मा सेक्टर पर ओवर ऑल मजबूत बना हुआ है।

Anand Rathi Securities का कहना है कि भारतीय फार्मा मार्केट वॉल्यूम में रिकवरी और कीमतों में बढ़ोत्तरी के चलते भारतीय बाजारों में 10-15 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। उम्मीद है कि प्राइसिंग कंट्रोल के तहत आने वाले प्रोडक्ट्स की कीमतों में अप्रैल से 10.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। कोरोना के मामलों में गिरावट के चलते एक्यूट थेरेपी में आई जोरदार तेजी फिर उसकी स्तर पर नहीं रहेगी लेकिन इमरजिंग लाइफ स्टाइल बीमारियां क्रॉनिक ड्रग्स की मांग में बढ़ोत्तरी करेंगी।

भारतीय और अमेरिकी बाजारों में मजबूत आउटलुक के साथ ही तमाम भारतीय कंपनियों के यूक्रेन संकट का बड़ा फायदा मिलता सकता है। क्योंकि रूस के बाजारों से पश्चिमी देशों के निकलने से रुसी बाजार में भारतीय कंपनियों की बिक्री में जोरदार बढ़त देखने को मिल सकती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।