Effect of India-UK FTA: भारत और यूके के बीच ट्रेड डील, इन स्टॉक्स पर रखें नजर

Effect of India-UK FTA in Stock Market: लंबे समय से जिस बात का इंतजार हो रहा था, वह पल आ गया। भारत और यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू हो गया। इसका असर स्टॉक मार्केट पर भी दिखेगा। जानिए कि इस एग्रीमेंट का मतलब क्या है और इससे स्टॉक मार्केट में किन सेक्टर और किन स्टॉक्स पर असर दिख सकता है

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 2:10 PM
Effect of India-UK FTA in Stock Market: भारत और यूके के बीच सालाना द्विपक्षीय कारोबार में $12 हजार करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Effect of India-UK FTA in Stock Market: भारत और यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू हो चुका है। इससे भारत और यूके के बीच सालाना द्विपक्षीय कारोबार में $12 हजार करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस सौदे में टैरिफ में कटौती, आवाजाही में सुधार और मार्केट एक्सेस की गारंटी शामिल है। यूके से होने वाले आयात पर अब औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% रह जाएगा तो यूके को होने वाले 99% एक्सपोर्ट पर अब जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलेगा। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस एग्रीमेंट से देश के कई सेक्टर्स और स्टॉक्स को फायदा मिलेगा जिनकी डिटेल्स नीचे दी जा रही है।

ऑटो सेक्टर

भारत ने अधिक कीमत वाली ICE यानी तेज से चलने वाली गाड़ियों और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) पर छूट दी है। पांच साल तक इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन गाड़ियों के लिए कोई छूट नहीं है। यह छूट £80,000 से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों तो ICE सेगमेंट में 3,000 cc की पेट्रोल और 2,500 cc की डीजल गाड़ियों पर है। इसका असर टाटा मोटर्स PV, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे स्टॉक्स पर पड़ेगा।

लेदर और फुटवियर


फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से देश के लगभग सभी लेदर और फुटवियर एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ खत्म हो गया। इससे मिर्जा इंटरनेशनल और मेट्रो ब्रांड्स जैसे स्टॉक्स को फायदा मिल सकता है।

मरीन प्रोडक्ट्स और फूड

ट्रेड एग्रीमेंट से 95% से अधिक एग्रीकल्चर, मरीन और प्रोसेस्ड फूड एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म हो गया। इसका असर अवंती फीड्स, एपेक्स फ्रोजन, कोस्टल कॉर्पोरेशन, वॉटरबेस वगैरह जैसे स्टॉक्स पर पड़ेगा।

एल्कोहॉलिक बेवरेज

एफटीए के तहत यूके की व्हिस्की और जिन पर भारत इंपोर्ट ड्यूटी घटाएगा। अभी तो इसे 150% से घटाकर 75% किया जाएगा और फिर 10 साल बाद 40% किया जाएगा। इससे यूनाइटेड स्पिरिट्स और तिलकनगर इंडस्ट्रीज जैसे स्टॉक्स को मिल सकता है।

जेम्स एंड ज्वैलरी

इस सेगमेंट में यूके को भारत का निर्यात $94.1 करोड़ है। यूके सालाना $300 करोड़ की ज्लैवरी आयात करता है। भारत और यूके के बीच एग्रीमेंट से अगले दो से तीन वर्षों में भारत से एक्सपोर्ट दोगुना होने की उम्मीद है जिसका फायदा टाइटन और कल्याण ज्वैलर्स को हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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