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India-US Interim Trade Deal: इंडियन स्टॉक मार्केट्स में लौटने वाली है तेजी, मोटी कमाई के लिए ऐसे बनाएं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी

Nomura ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी रह जाने से लेबर-आधारित एक्सपोर्ट सेगमेंट्स पर दबाव तुरंत घट जाएगा। इससे इंडियन एक्सपोर्ट्स फिर से दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के उत्पादों का मुकाबला कर सकेंगे

Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 07, 2026 पर 1:23 PM
India-US Interim Trade Deal: इंडियन स्टॉक मार्केट्स में लौटने वाली है तेजी, मोटी कमाई के लिए ऐसे बनाएं इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी
अमेरिका ने 7 फरवरी को रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ हटा लिया।

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्वीपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए रास्ता खुल गया है। ट्रेड डील का ऐलान 3 फरवरी को हो गया था। लेकिन, इसके नियम और शर्तों का इंतजार था। खासकर भारतीय बाजार बेसब्री से इसका इंतजार कर रहा था। रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ भी अमेरिका ने वापस ले लिया है। इससे अब भारत पर अमेरिकी टैरिफ घटकर सिर्फ 18 फीसदी रह गया है। सवाल है कि अंतरिम ट्रेड डील का मार्केट्स पर कितना असर पड़ेगा?

अमेरिका से पहले एक दर्जन देशों से भारत की हो चुकी है डील

Barclays ने कहा है, "हमारा मानना है कि मार्केट्स पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का असर पहले ही पड़ चुका है। लेकिन, टैरिफ में बड़ी कमी के बाद कई एसेट क्लास पर दिख रहा दबाव अब कम हो जाएगा। इससे एसेट्स की कीमतों को बड़ा सपोर्ट मिलेगा।" खास बात यह है कि अमेरिका से अंतरिम ट्रेड डील के ऐलान से पहले भारत करीब एक दर्जन देशों के साथ ट्रेड डील कर चुका है। टैरिफ में कमी और अब अंतरिम ट्रेड डील का इंडियन मार्केट्स के सेंटिमेंट पर पॉजिटिव असर पड़ने की उम्मीद है।

अमेरिकी टैरिफ 18% रह जाने से कुछ सेक्टर्स पर दबाव तुरंत घट जाएगा

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