India-US Trade Negotiation : भारत और अमेरिका के बीच जल्द समझौता हो सकता है। एक अधिकारी ने यह संकेत दिया है। 11 अप्रैल को उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता टैरिफ पर मिली 90 दिनों की राहत खत्म होने से पहले हो सकता है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका पहले ही समझौते के लिए बातचीत शुरू करने के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंसेस (ToR) पर सहमत हो चुके हैं।
अधिकारी ने कहा, "आसान काम को अंतिम रूप देने की बहुत संभावनाएं हैं। बीटीए के स्वरूप और आकार को अंतिम रूप देने की बहुत संभावनाएं हैं।" उन्होंने कहा कि अगर यह दोनों पक्षों के लिए फायदें (“win-win”) वाली स्थिति होती है तो 90 दिनों में सब कुछ संभव है।
सरकारी अधिकारी ने कहा, "इस पर काम शुरू हो चुका है। व्यापार समझौते पर बातचीत करने में भारत अन्य देशों से बहुत आगे है।" उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है। बहुत सी बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी और कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत दौरा भी किया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस (US Vice President J D Vance) के भारत आने की संभावना भी है।
पीयूष गोयल ने कहा - सरकार देश और जनता के हितों की रक्षा करेगी
इस बीच, इससे पहले दिन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Commerce and Industry Minister Piyush Goyal) ने कहा कि भारत प्रस्तावित समझौते पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। सरकार देश और जनता के हितों की रक्षा करेगी, क्योंकि जल्दबाजी में कोई भी कदम उठाना कभी भी उचित नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश की सभी व्यापार वार्ताएं 'इंडिया फर्स्ट' ('India first') की भावना के साथ अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत 2047 के मार्ग को सुनिश्चित कर रही हैं।
हम बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं करते
"हमने पहले भी कई बार कहा है कि हम बंदूक रखके कभी नेगोशिएट नहीं करते हैं। समय की पाबंदियां अच्छी रहती हैं कि वो प्रोत्साहित करती हैं, कि बात तेजी हो, लेकिन जब तक देश हित और जन हित को हम सुरक्षित न रख सकें, तब तक कभी भी जल्दबाज़ी करना अच्छा नहीं है। (मैंने पहले भी कई बार कहा है, हम बंदूक की नोक पर बातचीत नहीं करते हैं। समय की पाबंदियां अच्छी हैं क्योंकि वे हमें तेजी से बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं, लेकिन जब तक हम देश और लोगों के हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं हो जाते, तब तक जल्दबाजी करना कभी भी अच्छा नहीं है),'' गोयल ने संवाददाताओं से कहा।
भारत-अमेरिका समझौते के लिए वार्ता समाप्त करने की संभावित समय सीमा पर एक अन्य कार्यक्रम में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देशों को जो भी काम करना है, उसके लिए हमेशा समयसीमा या अंतिम समय सीमा की आवश्यकता होती है।
ट्रेड समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित समाधान युक्त हो
उन्होंने कहा, "लेकिन मुक्त व्यापार समझौतों (free trade agreements) के मामले में ये सांकेतिक समयसीमाएं हैं। हम उन समयसीमाओं की आकांक्षा रखते हैं। लेकिन अंत में, यह दोनों पक्षों के लिए जीत वाली स्थिति होनी चाहिए। यह एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित समाधान होना चाहिए। केवल समयसीमा को पूरा करने के लिए आप राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं कर सकते।"
बता दें कि अमेरिका ने 2 अप्रैल को अमेरिका में आने वाले भारतीय सामानों पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। लेकिन 9 अप्रैल को ट्रंप प्रशासन ने भारत पर इस साल 9 जुलाई तक 90 दिनों के लिए टैरिफ पर रोक लगाने की घोषणा की। हालांकि, देशों पर लगाया गया 10 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ लागू रहेगा। लिहाजा इन 90 दिनों में दोनों देश बातचीत से टैरिफ पर समाधान निकालने के लिए चर्चा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ गये हैं।