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India Vs Pak: भारत से 250 गुना छोटा है पाकिस्तान का शेयर बाजार, महज 500 कंपनियां हैं लिस्टेड

India vs Pakistan Stock Market: भारत के शेयर बाजार की गिनती आज दुनिया के टॉप 5 शेयर बाजारों में होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप आज करीब 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ देखें, तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, कराची स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप इस समय सिर्फ 20.36 अरब डॉलर है

Curated By: Vikrant singhअपडेटेड May 08, 2025 पर 8:46 PM
India Vs Pak: भारत से 250 गुना छोटा है पाकिस्तान का शेयर बाजार, महज 500 कंपनियां हैं लिस्टेड
India vs Pakistan Stock Market: पहलगाम आतंकी हमले के बाद, पाकिस्तान का KSE 100 इंडेक्स अब तक करीब 13% गिर चुका है

India vs Pakistan Stock Market: पाकिस्तान के शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से भूचाल मचा हुआ है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के निवेशकों को भी डरा दिया है। कराची स्टॉक मार्केट में आज 8 मई को इतनी तेज गिरावट आई कि वहां पर कुछ देर के लिए ट्रेडिंग ही रोकनी पड़ी। आज की इस खास रिपोर्ट में हम बात करेंगे भारत और पाकिस्तान के शेयर बाजार की। दोनों देशों के शेयर बाजार की टक्कर में कौन भारी है? भारत के मुकाबले पाकिस्तान का शेयर मार्केट कहां टिकता है? साथ ही जानेंगे कि भारत कैसे इस क्षेत्र में पाकिस्तान से कई सौ मील आगे निकल चुका है।

सबसे पहले आंकड़ों की बात करें तो, भारत के शेयर बाजार की गिनती आज दुनिया के टॉप 5 शेयर बाजारों में होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप आज करीब 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ देखें, तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, कराची स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप इस समय सिर्फ 20.36 अरब डॉलर है। यानी भारत का शेयर बाजार पाकिस्तान के मुकाबले करीब 250 गुना ज्यादा बड़ा है।

भारतीय शेयर बाजार में जहां 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, वहीं पाकिस्तान में ये संख्या महज 500 के आसपास है। इससे साफ है कि भारतीय बाज़ार में कंपनियों की विविधता और निवेश के मौके पाकिस्तान के मुकाबले काफी अधिक हैं।

भारत का शेयर बाजार केवल विदेशी निवेशकों पर ही निर्भर नहीं है। भारतीय बाजार को मजबूत बनाते हैं यहां के घरेलू निवेशक, रिटेल निवेशक और SIP जैसे निवेश के साधन, जिससे बाजार को किसी भी उतार-चढ़ाव के समय स्थिरता यानी सपोर्ट देते हैं। इससे बाजार में पैनिक सेलिंग बहुत कम देखने को मिलती है। वहीं पर पाकिस्तान का शेयर बाजार ज्यादा भावनात्मक और कम लिक्विडिटी वाला माना जाता है। ऐसे में किसी भी जियोपॉलिटिकल घटना का असर वहां तुरंत और तेजी से दिखता है।

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