टॉप-500 से बाहर हुईं ये भारतीय ब्लू चिप कंपनियां, मार्केट में मची हाहाकार ने दिया वैल्यूएशन को तगड़ा झटका

World's Top 500 Companies: भारतीय स्टॉक मार्केट में मचे हाहाकार ने भारतीय ब्लूचिप कंपनियों को करारा झटका दिया। दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में अब भारत से सिर्फ 11 ही लिस्ट में हैं। जानिए ये कौन-कौन सी कंपनियां हैं और इस लिस्ट से कौन-कौन सी बाहर हुई हैं और सबसे अधिक कंपनियां किस देश से हैं और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी कौन-सी है

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 9:11 AM
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World's Top 500 Companies: मार्केट कैप के हिसाब से टॉप-500 कंपनियों में भारत की 11 कंपनियां है तो अमेरिका की 254, चीन की 41, जापान की 34, कनाडा और फ्रांस की 20-20, ब्रिटेन की 18 और जर्मनी की 15 कंपनियां लिस्ट में हैं।

World's Top 500 Companies: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट ने कई भारतीय ब्लू-चिप कंपनियों की वैश्विक रैंकिंग को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुछ कंपनियां तो मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट से ही बाहर हो गई हैं। दुनिया की टॉप 500 में भारतीय कंपनियों की संख्या घटकर अब 11 ही रह गई है, जबकि 2026 की शुरुआत में यह 15 और सितंबर 2024 में 18 थी। ये 11 कंपनियां हैं- रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), भारती एयरटेल (Bharti Airtel), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India-SBI), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), टीसीएस (TCS), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), एचयूएल (HUL), इंफोसिस (Infosys), एलआईसी (LIC) और एलएंडटी (L&T)।

क्या हैं भारतीय ब्लूचिप के हाल?

मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की बात करें तो अभी यह टॉप-500 कंपनियों में 84वें स्थान पर है, जबकि साल 2026 की शुरुआत में यह 73वें और सितंबर 2024 में 55वें स्थान पर थी। इसी तरह प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा लेंडर एचडीएफसी बैंक इस साल की शुरुआत में 96वें और सितंबर 2024 में 105वें से खिसककर अब 148वें तो आईसीआईसीआई बैंक इस साल की शुरुआत में 168वें से 247वें स्थान पर फिसल गया है। आईटी सेक्टर में बात करें तो देश की सबसे बड़ी आईटी एक्सपोर्टर टीसीएस की रैंकिंग इस साल की शुरुआत में 83वें स्थान से गिरकर 260वें स्थान पर और इंफोसिस इस साल की शुरुआत में 197वें और सितंबर 2024 में 205वें स्थान से गिरकर 481वें स्थान पर आ गई है।


अन्य बड़ी कंपनियों की बात करें तो बजाज फाइनेंस की रैंकिंग इस साल की शुरुआत में 438वें और सितंबर 2024 में 388वें स्थान से गिरकर 446वें स्थान पर और एचयूएल इस साल की शुरुआत में 334वें और सितंबर 2024 में 248वें स्थान से गिरकर 473वें स्थान पर आ गई है। एलआईसी भी इस साल की शुरुआत में टॉप-500 में 326 और सितंबर 2024 में 279वें स्थान पर थी लेकिन अब 486वें पर है तो एलएंडटी भी इस साल की शुरुआत में 369वें और सितंबर 2024 में 363वें से खिसककर 493वें पर आ गई है।

कौन-कौन सी कंपनियां हुईं टॉप-500 से बाहर

भारतीय ब्लूचिप कंपनियों को मार्केट में मची हाहाकार से ऐसा झटका लगा कि कुछ कंपनियां तो मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट से ही बाहर हो गई हैं। इस साल की शुरुआत में इस लिस्ट में आईटीसी (ITC), एचसीएल टेक (HCL Tech), सन फार्मा (Sun Pharma) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) भी लिस्ट में थी लेकिन अब नहीं हैं। वहीं सितंबर 2024 में इस लिस्ट में एनटीपीसी (NTPC), मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) और टाटा मोटर्स (Tata Motors) भी थीं लेकिन अब नहीं हैं।

blue chip

इस कारण मचा मार्केट में हाहाकार

ईरान की अमेरिका-इजरायल के साथ चल रही लड़ाई, महंगे वैल्यूएशन, कमाई की सुस्त ग्रोथ और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा दिया। इसके अलावा कच्चे तेल के प्रित बैरल $100 के पार जाने पर भी मार्केट में दबाव बना। भारत चूंकि अपनी जरूरत की करीब 85-90% कच्चा तेल बाहर से मंगाता है तो इसके महंगे होने से काफी झटका लगा। इस साल 2026 में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) 10-10% से अधिक टूट चुके हैं। बीएसई मिडकैप 9% और बीएसई स्मॉलकैप 12% से अधिक फिसल चुका है।

Nvidia है दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी

मार्केट कैप के हिसाब से टॉप-500 कंपनियों में भारत की 11 कंपनियां है तो अमेरिका की 254, चीन की 41, जापान की 34, कनाडा और फ्रांस की 20-20, ब्रिटेन की 18 और जर्मनी की 15 कंपनियां लिस्ट में हैं। लिस्ट में $4.45 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ एनवीडिया दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। इसके बाद $3.71 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ एपल (Apple) और $3.7 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ गूगल (Google) तीसरे पोजिशन पर है। लिस्ट में चौथे पर माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), पांचवे स्थान पर एमेजॉन (Amazon), छठे पर अरामको (Aramco) और मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) छठे स्थान पर है।

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