साप्ताहिक आधार पर देखें तो बाजार में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 0.19 फीसदी टूटा तो वहीं निफ्टी में 0.44 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। हालांकि बैंकिंग शेयरों में तेजी ने बैंक निफ्टी को सहारा दिया और इस हफ्ते बैंक निफ्टी 1.80 फीसदी की शानदार बढ़त लेकर बंद हुआ। ऐसे में बाजार के आगे के आउटलुक और बड़ौदा बीएनपी परिबास निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स फंड (Baroda BNP Paribas Nifty Midcap 150 Index Fund) के बारे में विस्तार से सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में Baroda BNP Paribas Mutual Fund के शिव चनानी (Shiv Chanani) ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है रिवाइवल की तरफ डोमेस्टिक कंजम्पशन बढ़ रहे है। ग्लोबल लेवर पर कई अनिश्चितताएं बनी हुई है। डोमेस्टिक थीम में ज्यादा बेहतर मौके मिलेगे।
उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया पर ग्लोबल चुनौतियों का असर दिखेगा। मिलिट्री एक्शन, जियो पॉलिटिकल इश्यूज पर चिंता बनी है। US चुनाव, चीन स्लोडाउन शॉर्ट टम रिस्क है। भारतीय बाजार की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि कैपिटल गुड्स, केमिकल, रियल एस्टेट, और टेक्सटाइल सेक्टर पर फोकस करना चाहिए।
FIIs को लेकर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा कि बाजार का साइज लगातार बढ़ रहा है । FIIs को भारतीय बाजार की तरफ आना होगा। 7-10 साल बाज स्थितियां ओर मजबूत होंगी। 2-3 साल बाद चीन मार्केट में बेहतर रिटर्न मिलेगे। पिछले कुछ साल चीन मार्केट के लिए एवरेज थे। FIIs का पैसा इमर्जिंग मार्केट के जरिए भारत आएगा। भारतीय बाजार पर भरोसा कायम है।
कौन सी थीम अट्रैक्टिव? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इनोवेशन, कंजम्प्शन सेक्टर में निवेश के मौके है। एनर्जी ट्रांसमिशन सेक्टर पर हमारा बुलिश नजरिया है। 3-5 साल के हिसाब से नजरिया रखें। इन तीनों थीम में बड़ा निवेश संभव है। इनोवेशन सेक्टर में बड़ी संभावनाएं है। हर फील्ड में टेक्नोलॉजी की जरूरत है। AI टेक्नोलॉजी में बेहतर मौके है। कंजम्पशन सेक्टर की बढ़ती डिमांड और एनर्जी ट्रांसमिशन बड़ी थीम बनकर उभरी है।
पिछले 5 साल में वैल्युएशन काफी सस्ते है। पिछले दो सालों से सेक्टर अंडरपरफॉर्म कर रहा है। पिछले दो साल से सेक्टर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अगले 1-2 साल में बैंकिंग सेक्टर का कमबैक संभव है। FIIs की प्राइवेट बैंक में काफी रुचि है। आने वाले समय में स्थिति सही हो सकती है।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स की स्ट्रैटेजी? पर बात करते हुए शिव चनानी ने कहा कि निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की कोशिश है। लंबी अवधि में निवेश करने की सलाह है। लंबी अवधि के लिए मिडकैप स्ट्रैटेजी है। नए निवेशकों को लिए भी फंड सही है। कम रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए ये फंड सही है। डायवर्सिफिकेशन का फायदा मिलेगा। मिडकैप ग्रोथ 3-5 साल का व्यू लेकर चलें। लार्ज के मुकाबले मिड, स्मॉल ने दिए बेहतर रिटर्न मिला है।लंबी अवधि में निवेश करने की सलाह होगी। शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं ।
फंड में कितने रिटर्न की उम्मीद ? फंड के रिटर्न पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मिडकैप और स्मॉलकैप लार्ज कैप से बेहतर रिटर्न देते हैं। 5-7 साल में भारत दुनिया की सबसे बड़ी ग्रोथ इकोनॉमी होगा। मिड और स्मॉल कंपनियां अच्छा अर्निंग ग्रोथ देंगी। अर्निंग ग्रोथ अच्छी होगी तो रिटर्न भी अच्छे होंगे।
अगले 5-7 साल में साबुन, तेल की डिमांड घटेगी और फूड, ब्यूटी, पर्सनल केयर की डिमांड बढ़ेगी। डिमांड के हिसाब से स्टॉक्स का सेलेक्शन करें।