IndiGo share price : एनालिस्ट मीट के बाद 3% टूटा शेयर, कंपनी की ग्रोथ सुस्त,लेकिन विजन बड़ा

IndiGo share price : कंपनी ने एनालिस्ट मीट में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में कैपेसिटी ग्रोथ सिंगल-डिजिट में रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2026 में कैपेसिटी ग्रोथ 13 फीसदी थी। एयरक्राफ्ट डिलीवरी में देरी और क्षमता रेशनलाइजेशन जारी रहेगी। वित्त वर्ष 2028-2030 की अवधि में क्षमता में मिड-टीन्स CAGR का ग्रोथ संभव है। वित्त वर्ष 2030 तक 20 करोड़ यात्रियों को सुविधा देनें का लक्ष्य है

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 2:31 PM
IndiGo share price : 5 जून की ब्लूमबर्ग रिपोर्ट में यह बताया गया कि एयरबस SE को इंडिगो को A321XLR एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी स्टॉक पर दबाव आ गया है

IndiGo share price : इंडिगो ने कंपनी के लिए वित्त वर्ष 2027 के कमजोर रहने की आशंका जताई है। कंपनी ने कहा है कि एयरक्राफ्ट की डिलिवरी में देरी हो सकती है आज यह शेयर 3 फीसदी टूटा है। हालांकि कंपनी ने 2030 तक ग्लोबल एविएशन प्लेयर बनने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का 550 से ज्यादा विमान और 20 करोड़ यात्री क्षमता का रखने का प्लान है। कंपनी ने ये बातें एनालिस्ट मीट में कही हैं। इसके मीट बाद आज इंडिगो का शेयर फोकस में आया है। कंपनी की ग्रोथ तो सुस्त है, लेकिन विजन बड़ा है दिख रहा है। आइए इस एनालिस्ट मीट की बड़ी बातों पर डालते हैं एक नजर।

IndiGo: एनालिस्ट मीट की बड़ी बातें

कंपनी ने एनालिस्ट मीट में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में कैपेसिटी ग्रोथ सिंगल-डिजिट में रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2026 में कैपेसिटी ग्रोथ 13 फीसदी थी। एयरक्राफ्ट डिलीवरी में देरी और क्षमता रेशनलाइजेशन जारी रहेगी। वित्त वर्ष 2028-2030 की अवधि में क्षमता में मिड-टीन्स CAGR का ग्रोथ संभव है। वित्त वर्ष 2030 तक 20 करोड़ यात्रियों को सुविधा देनें का लक्ष्य है। 2030 तक 550 से ज्यादा विमान के साथ रोजाना 3,000 उड़ानों का प्लान है। कंपनी का इंटरनेशनल और लॉन्ग-हॉल नेटवर्क विस्तार पर बड़ा फोकस है। ग्लोबल एविएशन प्लेयर बनने की दिशा में तेज कदम उठाया जा रहा है। एयरबस (Airbus) डिलीवरी में देरी और बढ़ता ईंधन लागत खर्च कंपनी के लिए अहम चुनौतियां हैं।


शेयर की चाल पर एक नजर

मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ने और एयरबस से विमानों की डिलीवरी में देरी की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते सोमवार को शुरुआती कारोबार में इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई। फिलहाल 2.15 बजे के आसपास NSE पर यह स्टॉक 107 रुपये या 2.40 प्रतिशत गिरकर 4,373 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है।

ग्लोबल ऑयल की कीमतों में उछाल से निवेशकों का सेंटीमेंट हुआ खराब

ईरान के मिसाइल हमलों के बाद इज़राइल द्वारा ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद,ग्लोबल ऑयल की कीमतों में उछाल से निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है। इसका असर भी इस शेयर पर देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.4 प्रतिशत बढ़कर 97.15 डॉलरप्रति बैरल हो गई है। जबकि WTI क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 94 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई,हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई। आम तौर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों को एयरलाइंस के लिए बुरा माना जाता है,क्योंकि एविएशन टरबाइन फ्यूल उनके ऑपरेटिंग खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है।

5 जून की ब्लूमबर्ग रिपोर्ट में यह बताया गया कि एयरबस SE को इंडिगो को A321XLR एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी स्टॉक पर दबाव आ गया है। इस एयरलाइन को 2026 के आखिर तक नौ XLR जेट मिलने की उम्मीद थी,लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण सप्लाई-चैन में रुकावटों की वजह से कुछ एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में कई महीनों की देरी होने की खबर है।

इंडिगो को अब तक दो A321XLR विमान मिल चुके हैं और वह इन्हें एथेंस और इस्तांबुल जैसे इंटरनेशनल रूट पर इस्तेमाल कर रही है। खबर है कि एयरलाइन,एयरबस के साथ अच्छे डिलीवरी स्लॉट पाने के लिए बातचीत कर रही है।

इसके अलावा इंडिगो ने हाल ही में जुलाई और सितंबर के बीच छह इंटरनेशनल डेस्टिनेशन (हांगकांग,शंघाई,क्राबी,लंगकावी,हो ची मिन्ह सिटी और सिएम रीप) के लिए अपनी सर्विस को कुछ समय के लिए रोकने का ऐलान किया है। एयरलाइन ने इस फैसले के पीछे सीज़न के हिसाब से कम मांग और लागत से जुड़ी मुश्किलों का हवाला दिया है।

 

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