IndiGo Share Price: इंडिगो का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (IndiGo) के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए और शेयर इंट्राडे के हाई पर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब यह शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹5,970 (जो नवंबर 2025 में बना था) से 15 फीसदी नीचे है। साल की शुरुआत से अब तक इंडिगो के शेयरों में 5.07 फीसदी की गिरावट आई है, हालांकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 12.32 फीसदी की गिरावट के मुकाबले इसका प्रदर्शन बेहतर रहा है।
जानें नतीजों के बाद क्या है ब्रोकरेज फर्मों की राय
नोमुरा ने इंडिगो पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और इसके प्राइस टारगेट को बढ़ाकर ₹6,200 कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मजबूत मांग और लागत में बढ़ोतरी के बीच, एयरलाइन के Q2 प्रदर्शन से उसकी प्राइसिंग पावर का पता चलता है। उम्मीद से बेहतर पैसेंजर रेवेन्यू पर अवेलेबल सीट किलोमीटर (PRASK) और यील्ड के कारण, EBITDA का आंकड़ा अनुमानों से अधिक रहा।
नोमुरा को उम्मीद है कि ईधन की ऊंची कीमतों के बावजूद Q3 में मार्जिन में सुधार होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, एयरलाइन कीमतों में बदलाव के जरिए अपनी बढ़ी हुई लागत का 80-90% हिस्सा वसूल सकती है। इसने FY27 और FY28 के लिए अपने EBITDA अनुमानों को क्रमशः 11% और 3% तक बढ़ा दिया है।
HSBC ने भी इंडिगो पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,545 तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार, बेहतर यील्ड और ईधन की कम लागत के चलते Q2 का EBITDA उनके अनुमानों से 25% अधिक रहा।
एयरलाइन ने Q3 और FY27 में PRASK में 25% से अधिक की वृद्धि और क्षमता (capacity) में मामूली विस्तार का अनुमान दिया है। HSBC का मानना है कि ईंधन को छोड़कर अन्य यूनिट लागत में 8-12% (high-single to low-double digits) तक की बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, एयरलाइन का सहायक (ancillary) और कार्गो रेवेन्यू पर फोकस महत्वपूर्ण बना रहेगा।
जेफरीज ने भी इंडिगो पर अपनी 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,650 तय किया है। ब्रोकरेज ने Q2 के प्रदर्शन को थोड़ा कमजोर बताया, लेकिन कहा कि यह काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप ही था। साल-दर-साल आधार पर 34% की मजबूत यील्ड ग्रोथ ने ईधन और अन्य लागतों में हुई बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक कम कर दिया। जेफ़रीज़ ने बताया कि मैनेजमेंट अभी भी प्राइसिंग को प्राथमिकता दे रहा है।
Q3 के लिए कंपनी ने कैपेसिटी में सिंगल-डिजिट (कम) ग्रोथ और PRASK में 25% से ज़्यादा की ग्रोथ का अनुमान दिया है। हालांकि मैनेजमेंट ने यील्ड और नॉन-फ्यूल कॉस्ट से जुड़ी चिंताओं पर बात की, लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने चेतावनी दी कि कंपनी की कमाई अभी भी फ्यूल की कीमतों में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील है। इसने FY27 के लिए प्रति शेयर कमाई (EPS) के अनुमान में 9% और FY28-FY29 के लिए 2% की कटौती की है।
इंटरग्लोब एविएशन ने सितंबर तिमाही के लिए ₹1,879 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह नुकसान ₹2,581.7 करोड़ था, जो अब कम हुआ है।
कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 25.9% बढ़कर ₹23,364 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹18,555.3 करोड़ था। EBITDAR (यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन, अमॉर्टाइजेशन और किराए से पहले की कमाई) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1,114.3 करोड़ से बढ़कर ₹2,460 करोड़ हो गया। EBITDAR मार्जिन 6% से बढ़कर 10.5% हो गया है।
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