Infosys Q3 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने बुधवार 14 जनवरी को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 2.2 फीसदी घटकर 6,654 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से कम रहा। हालांकि, सीजनली कमजोर तिमाही के बावजूद कंपनी ने तिमाही आधार पर स्थिर ग्रोथ और मजबूत डील साइनिंग दर्ज की है।
रेवेन्यू में मजबूत बढ़त, लेकिन मार्जिन पर दबाव
दिसंबर तिमाही में इंफोसिस का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 8.9% की सालाना बढ़त के साथ 45,479 करोड़ रुपये रहा। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 18.4% पर आ गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 21.3% था। कंपनी के मुताबिक, बढ़ी हुई लागत और लेबर कोड से जुड़े प्रावधानों के कारण मार्जिन पर दबाव पड़ा। हालांकि, एडजस्टेड आधार पर ऑपरेटिंग मार्जिन 21.2% रहा।
कॉन्स्टेंट करेंसी के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.7% और तिमाही आधार पर 0.6% बढ़ा। इस दौरान इंफोसिस को कुल 4.8 अरब डॉलर की बड़ी डील्स मिलीं, जिनमें से 57% नेट न्यू डील्स रहीं। इससे निकट अवधि में रेवेन्यू विजिबिलिटी को कुछ सहारा मिला है।
FY26 के लिए गाइडेंस में इजाफा
इंफोसिस ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 3.0–3.5% कर दी है (कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर)। साथ ही, कंपनी ने ऑपरेटिंग मार्जिन आउटलुक को 20–22% के दायरे में बनाए रखा है।
नतीजों के ऐलान से पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर् इंफोसिस के शेयर 0.6% चढ़कर ₹1,608.9 पर बंद हुए। हालांकि, पिछले एक साल में शेयर में 17% से ज्यादा की गिरावट आई है। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 ने करीब 11% की बढ़त दर्ज की है, यानी इंफोसिस का प्रदर्शन बाजार से काफी कमजोर रहा है।
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