Infosys के शेयर में 1% की गिरावट, कंपनी ने ₹32,000 करोड़ की GST चोरी के नोटिस को किया खारिज!

Infosys Share Price: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने 32,000 करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस मिलने की खबर का खंडन किया है। हालांकि इसके बावजूद गुरुवार 1 अगस्त को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 1 फीसदी तक लुढ़क गए। सुबह 9.20 बजे के करीब, NSE पर इंफोसिस के शेयर 1,850 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इससे पहले 31 जुलाई को भी कंपनी के शेयरों में 0.5 फीसदी की गिरावट आई थी

अपडेटेड Aug 01, 2024 पर 10:40 AM
Infosys को GST अधिकारियों को जवाब देना होगा कि उनकी मांग क्यों उचित नहीं है

Infosys Share Price: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने 32,000 करोड़ रुपये के जीएसटी चोरी की खबर का खंडन किया है। हालांकि इसके बावजूद गुरुवार 1 अगस्त को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 1 फीसदी तक लुढ़क गए। सुबह 9.20 बजे के करीब, NSE पर इंफोसिस के शेयर 1,850 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इससे पहले 31 जुलाई को भी कंपनी के शेयरों में 0.5 फीसदी की गिरावट आई थी। मनीकंट्रोल ने एक दिन पहले बताया था कि जीएसटी इंटेलिजेंस के डायरेक्टोरेट जनरल (DGGI) ने कहा है कि इंफोसिस को "2017-18 (जुलाई 2017 से) से 2021-22 की अवधि के लिए भारत के बाहर स्थित शाखाओं से मिली 32,403.46 करोड़ रुपये की सप्लाई पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत आईजीएसटी का भुगतान करना है।"

हालांकि इंफोसिस ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया कि DGGI की ओर से दावा किए खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं होती है। साथ ही कहा कि कंपनी ने सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया है और इस मामले में वह केंद्र और राज्य के सभी नियमों का पूरी तरह से पालन कर रही है।

इसके अलावा, इंफोसिस ने यह भी साफ किया है कि नोटिस एक प्री-शो कॉज नोटिस है, और अभी तक कोई मांग नहीं की गई है। CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कंपनी को जीएसटी अधिकारियों को जवाब देना होगा कि उनकी मांग क्यों उचित नहीं है।


इंफोसिस से मांगा गया टैक्स, कंपनी की करीब एक साल के मुनाफे और माही रेवन्यू के तकरीबन 50% हिस्से के बराबर है। हालिया जून तिमाही में इंफोसिस का शुद्द मुनाफा सालाना आधार पर 7.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 6,368 करोड़ रुपये था, जबकि इसका रेवेन्यू इस दौरान 3.6 पर्सेंट बढ़कर 39,315 करोड़ रुपये रहा।

बता दें कि इंफोसिस, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) का पोर्टल भी मैनेज करती है। GSTN ने GST के लिए इनडायरेक्ट टैक्सेशन प्लेटफॉर्म बनाया है, ताकि भारत में टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने, इनडायरेक्ट टैक्स लाइबिलिटीज का भुगतान करने और अन्य कंप्लायंस में मदद मिल सके।

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