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इंफोसिस को क्यों मिला है 32,000 करोड़ टैक्स चुकाने का नोटिस, क्या उसे यह टैक्स चुकाना होगा?

इंफोसिस को 32000 करोड़ रुपये आईजीएसटी चुकाने के नोटिस ने आईटी इंडस्ट्री को सकते में डाल दिया है। इसका असर 1 अगस्त को कंपनी के शेयरों पर देखने को मिला। कंपनी का शेयर 0.84 फीसदी गिरकर 1,852.65 रुपये पर बंद हुआ

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 01, 2024 पर 5:32 PM
इंफोसिस को क्यों मिला है 32,000 करोड़ टैक्स चुकाने का नोटिस, क्या उसे यह टैक्स चुकाना होगा?
INFOSYS ने डीजीजीई के आरोपों को खारिज किया है। उसने किसी तरह की गलती होने से इनकार किया है।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने इंफोसिस को 32,000 करोड़ रुपये के टैक्स का नोटिस भेजा है। टैक्स के डिमांड नोटिस में कहा गया है कि इंफोसिस ने जुलाई 2017 और 2021-22 के बीच अपने ब्रांच से हासिल की गई सेवाओं पर इंटिग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (आईजीएसटी) का पेमेंट नहीं किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि इंफोसिस ने विदेशी ब्रांच खर्च के रूप में अपने विदेश स्थित ऑफिसेज को पेमेंट किया है। इसलिए इंफोसिस को इस पर रिवर्स चार्ज मैकनिज्म (आरसीएम) के तहत आईजीएसटी चुकाने की जरूरत है।

DGGI ने क्या दलील दी है?

आम तौर पर जीएसटी (GST) में आरसीएम (RCM) के नियम में यह कहा गया है कि सप्लायर की जगह गुड्स एंड सर्विसेज हासिल करने वाले पर जीएसटी चुकाने की जिम्मेदारी है। डीजीजीआई (DGGI) की दलील है कि इंफोसिस ने विदेश में अपनी ब्रांच पर हुए खर्च को इंडिया से अपने एक्सपोर्ट इनवॉयल का हिस्सा बनाया है और एक्सपोर्ट की वैल्यू के आधार पर रिफंड का कैलकुलेशन किया है। डीजीजीआई का मानना है कि इस प्रोसेस के चलते इंफोसिस ने काफी कम आईजीएसटी का पेमेंट किया है।

इंफोसिस ने डीजीजीआई के आरोपों को खारिज किया

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