बाजार के जानकारों का कहना है कि मई में भारत के इक्विटी बाजारों में कैश वॉल्यूम पिछले महीने के स्तर से लगभग 10 फीसदी बढ़कर 6 महीने के हाई पर पहुंच गया है। बाजार में हाल में आई तेजी से निवेशक बाजार की तरफ आकर्षित हुए हैं। उनकी भागीदारी बढ़ी है। जिसके चलते इक्विटी बाजार में कैश वॉल्यूम में जोरदार उछाल आया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि भारतीय बाजार में सुधरती मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति को लेकर उत्साह है। इसके अलावा ब्याज दरों में बढ़त थमने की संभावना और भुगतान संतुलन की अनुकूल स्थिति भी निवेशकों में जोश भर रही है।
फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी ने दिखाया असर
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2022 के बाद इस समय BSE और NSE पर इक्विटी कैश सेगमेंट में एवरेज डेली टर्न ओवर (ADTV) अपने हाईएस्ट लेवल पर पहुंच गया है। 1 मई से 26 मई के बीच इक्विटी बाजारों में ADTV 60142 करोड़ रुपये पर रहा जो कि अप्रैल महीने में 54752.37 करोड़ रुपये पर था। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि कैश सेगमेंट में ADTV में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी देखने को मिली है।
एसचीडीएफसी सिक्योरिटीज के दीपक जसानी का कहना है कि कैश वॉल्यूम में आए इस उछाल में सबसे बड़ा योगदान फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी का है। इनके अलावा रिजल्ट के सीजन में स्माल और मिड कैप शेयरों में हुई खरीदारी का असर कैश वॉल्यूम में बढ़त के रूप में देखने को मिला है। हालांकि आगे हमें कैश वॉल्यूम में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
डेरिवेटिव सेगमेंट के वॉल्यूम में भी बढ़त
कैश वॉल्यूम के साथ ही डेरिवेटिव सेगमेंट के वॉल्यूम में भी बढ़त हुई है। यह पिछले साल से ही अपने ऑल टाइम हाई के करीब है। मई में डेरिवेटिव सेगमेंट का ADTV अब तक 264 लाख करोड़ रुपये पर रहा है जो अप्रैल के 242.2 लाख करोड़ के तुलना में 9.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। डेरिवेटिव सेगमेंट के वॉल्यूम में आई यह बढ़ोतरी पिछले महीने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में की गई बढ़ोतरी के बावजूद देखने को मिली है।
ऑप्शन ट्रेडिंग टर्न ओवर में हमें भारी बढ़त देखने को मिली है। यह नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचता नजर आया है। कुछ एनालिस्टों का कहना है कि फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में टर्न ओवर की बढ़ोतरी की मुख्य वजह मार्केट सेंटीमेंट में सुधार और ओवऑल मार्केट में आई तेजी रही है। उनका ये भी कहना है कि सिक्योरीटीज ट्रांजैक्शन कैश में बढोतरी का वास्तविक प्रभाव तभी पता चलेगा जब मार्केट की स्थितियां खराब होंगी।
निफ्टी और बैंक निफ्टी में भारी वोलैटिलिटी भी F&O वॉल्यूम में बढ़त के लिए जिम्मेदार
बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी और बैंक निफ्टी इंडेक्स में भारी वोलैटिलिटी को भी F&O वॉल्यूम में बढ़त के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। दीपक जसानी ने कहा कि इन इंडेक्स में बढ़ी हुई वोलैटिलिटी ट्रेडर्स को बाजार में उतार-चढ़ाव को भुनाने और मुनाफा कमाने का अवसर प्रदान करती है।
यूएस हेज फंड, हेडोनोवा के सीआईओ सुमन बनर्जी का कहना है कि बाजार के ट्रेंडिंग वॉल्यूम में बढ़त के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। हाल के दिनों में संस्थागत और खुदरा दोनों निवेशकों की बाजार भागीदारी में बढ़त हुई है। इसके चलते ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी बढ़त देखने को मिली है। बाजार में उपलब्ध अवसरों को भुनाने और अपने जोखिम को मैनेज करने के लिए निवेशक डेरिवेटिव ट्रेडिंग में सक्रीयता दिखा रहे हैं।
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