सोमवार 23 अक्टूबर को IPCA लैब्स (IPCA Laboratories Ltd) के शेयरों में शुरुआती कारोबार में अच्छी तेजी देखने को मिली। स्टॉक 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 52 सप्ताह का उच्च स्तर छू गया। इसके पीछे वजह है कि कंपनी की रतलाम यूनिट को US फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US FDA) की ओर से वॉलंटरी एक्शन इंडीकेटेड (VAI) क्लासिफिकेशन मिला है। इस खबर से कंपनी का शेयर सुबह बीएसई पर बढ़त के साथ 960.05 रुपये पर खुला। कुछ ही देर में इसने पिछले बंद भाव 936.20 रुपये से 7 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 52 सप्ताह का उच्च स्तर 1,003.75 रुपये छू लिया। एनएसई पर शेयर 980 रुपये पर खुला और तुरंत ही 1003 रुपये के 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
कारोबार खत्म होने पर शेयर बीएसई पर 6.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ करीब 998 रुपये और एनएसई पर 6 प्रतिशत चढ़कर 993 रुपये पर बंद हुआ है। IPCA लैब्स की रतलाम यूनिट के लिए US FDA ने कहा है कि फैसिलिटी को मौजूदा अच्छी मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस को लेकर अनुपालन की न्यूनतम स्वीकार्य स्थिति में रखा गया है।
US FDA ने इस यूनिट का इंस्पेक्शन 5-13 जून को किया था। इस यूनिट को इससे पहले US FDA की ओर से 11 ऑब्जर्वेंशंस मिल चुके हैं। इसके चलते एनालिस्ट को लगने लगा था कि यूनिट के लिए ऑफिशियल एक्शन इंडीकेटेड (OAI) स्टेटस न जारी हो जाए। यह US FDA का सबसे निचले स्तर का क्लासिफिकेशन है।
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने IPCA लैब्स के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग दी है और टार्गेट प्राइस 1,133 रुपये सेट किया है। यह शेयर के शुक्रवार के बंद भाव से 21 प्रतिशत ज्यादा है। नोमुरा का मानना है कि मीडियम से लॉन्ग टर्म में IPCA लैब्स अपने अमेरिकी कारोबार को बढ़ा सकती है। IPCA लैब्स के शेयर ने पिछले 3 माह में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।