IREDA Share Price: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनियों को कर्ज देने वाली दिग्गज NBFC IREDA के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई। सोमवार, 24 मार्च को यह 8.4% बढ़कर ₹167.90 पर पहुंच गया। यह इसका तीन हफ्ते का उच्चतम स्तर है। बीते सप्ताह इसने 11% की वृद्धि दर्ज की। यह इरेडा की इस साल की अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है। दोपहर 1.15 बजे तक इरेडा के शेयर 7.62%की बढ़त के साथ 166.62 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
इरेडा के शेयरों में जोरदार तेजी की वजह
₹1,247 करोड़ के बॉन्ड जारी: कंपनी ने अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और बाजार परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए 8.40% वार्षिक ब्याज दर पर अपने पहले परपेचुअल बॉन्ड्स जारी किए।
₹24.48 करोड़ की कर वापसी: IREDA को असेसमेंट ईयर 2011-12 के लिए टैक्स डिपार्टमेंट से आंशिक राहत के रूप में ₹24.48 करोड़ की वापसी मिली है। इसके अलावा, ₹195 करोड़ की कर वापसी अभी लंबित है, जो 2010-11, 2012-13, 2013-14 और 2015-16 से 2018-19 तक से संबंधित है।
नई उधारी योजना पर विचार: कंपनी का बोर्ड 25 मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उधारी योजना पर चर्चा करेगा।
इरेडा के शेयरों में उतार-चढ़ाव की वजह क्या है?
मार्च में IREDA के शेयरों में 21% की रिकवरी हुई। हालांकि, यह अभी भी अपने ₹310 के हालिया उच्चतम स्तर से 46% नीचे है। पिछले सात महीनों में शेयर 42% तक गिर चुका है। इससे निवेशक इरेडा को लेकर काफी सतर्क हैं। कंपनी का आईपीओ ₹32 प्रति शेयर पर आया था और जुलाई 2024 में ₹310 तक पहुंच गया यानी इसने आईपीओ निवेशकों को तकरीबन 10 गुना का रिटर्न दिया। आइए जानते हैं कि इरेडा के शेयरों में हालिया गिरावट की वजह क्या है।
RBI का फैसला: भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनी को नेपाल में 900 मेगावाट अपर कर्णाली जलविद्युत परियोजना में इक्विटी निवेश करने की अनुमति नहीं दी, जिससे कंपनी की विस्तार योजनाओं पर असर पड़ा।
कमजोर वित्तीय नतीजे: दिसंबर तिमाही में इरेडा का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। इससे भी निवेशकों को सेंटीमेंट प्रभावित हुआ।
Gensol Engineering से जुड़ी चिंताएं: कंपनी की Gensol Engineering में हिस्सेदारीभी संभावित जोखिम बनकर उभरी है, जो सोलर एनर्जी प्लांट की मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी है।
अमेरिकी व्यापार नीतियों का प्रभाव: 2025 की शुरुआत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर दबाव देखा गया, खासकर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा संभावित टैरिफ को लेकर।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत?
IREDA भारत के ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अहम भूमिका निभा रही है। यह सरकार के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट स से जुड़ी हुई है। हालांकि, इसके शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक्सपर्ट का मानना है कि ब्याज दरों में बदलाव, अमेरिकी व्यापार नीतियां और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं स्टॉक को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, लॉन्ग टर्म की बात करें, तो भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में विस्तार जारी रहेगा। इरेडा को इसका फायदा हो सकता है।