IRFC Q1 Results: रेलवे सेक्टर की सरकारी फाइनेंस कंपनी IRFC ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। रेवेन्यू अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। नेटवर्थ ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का NPA अब भी जीरो है।
मुनाफा और रेवेन्यू दोनों में बढ़त
जून तिमाही में IRFC का नेट प्रॉफिट 10.4% बढ़कर ₹1,927 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,745.69 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 19.46% बढ़कर ₹8,261.11 करोड़ पर पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,915 करोड़ था।
नेटवर्थ ने बनाया नया रिकॉर्ड
30 जून 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ ₹58,791.95 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 के आखिर में यह ₹56,748.76 करोड़ थी। कंपनी के मुताबिक, यह उसकी शुरुआत के बाद से सबसे ऊंची नेटवर्थ है। लगातार मुनाफा कमाने और कमाई को कारोबार में दोबारा लगाने से बैलेंस शीट और मजबूत हुई है।
IRFC का जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 1.48% रहा। वहीं, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹4.79 लाख करोड़ रहा। मार्च तिमाही के आखिर में यह ₹4.85 लाख करोड़ था।
सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी ने जीरो NPA का रिकॉर्ड एक बार फिर कायम रखा। यानी उसकी लोन बुक में एक भी खराब कर्ज नहीं है।
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत शानदार रही है। कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू, नेटवर्थ और मुनाफा दर्ज किया है। उनके मुताबिक, IRFC 2.0 रणनीति के तहत कंपनी रेलवे के साथ-साथ मोबिलिटी और उससे जुड़े दूसरे सेक्टरों में भी तेजी से कारोबार बढ़ा रही है।
कंपनी को उम्मीद है कि यही रणनीति आगे भी मुनाफे और मार्जिन को मजबूती देगी। साथ ही वह जीरो NPA और मजबूत जोखिम प्रबंधन की अपनी नीति पर कायम रहेगी।
नतीजों के बाद भी शेयर में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। स्टॉक 1.67% तक गिर गया था। हालांकि, फिर इसमें हल्की रिकवरी हुई। IRFC का स्टॉक 0.26% की गिरावट के साथ 88.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 32.34% तक टूट चुका है।
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