IRFC Share Price: रेलवे सेक्टर की सरकारी फाइनेंस कंपनी आईआरएफसी के शेयरों ने रिकॉर्ड डिविडेंड के ऐलान और सितंबर तिमाही के मजबूत नतीजे पर शेयरों ने आज इंट्रा-डे के निचले स्तर से शानदार वापसी की। इंट्रा-डे में 2% से अधिक टूटने के बाद इसने 2% से अधिक की बढ़त हासिल कर ली। फिलहाल इसका शेयर बीएसई पर यह 2.00% की बढ़त के साथ ₹80.58 पर है। शुरुआती कारोबार में यह 2.13% टूटकर ₹77.32 तक आ गया था, जिससे यह 4.57% रिकवर होकर ₹80.85 तक पहुंच गया।
IRFC Q2 Results: खास बातें
चालू वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2026 में आईआरएफसी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹1,958 करोड़ और ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23.5% उछलकर ₹7,866.41 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी की कुल इनकम ₹6,372 करोड़ से ₹7,924 करोड़ पर पहुंची लेकिन खर्च भी ₹4,595 करोड़ से बढ़कर ₹5,966 करोड़ हो गया।
कंपनी के चेयरमैन और एमडी मनोज कुमार दुबे का कहना है कि कंपनी की IRFC 2.0 रणनीति यानी कि रेलवे के ट्रेडिशनल बिजनेस से आगे बढ़कर रेलवे से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी फाइनेंसिंग की स्ट्रैटेजी के शुरुआती नतीजे बेहतर आ रहे हैं। इससे कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को सहारा मिल रहा है।
नतीजे के साथ-साथ कंपनी ने हर शेयर पर ₹1.15 के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है जोकि कंपनी के मुताबिक इसका अब तक का सबसे बड़ा अंतरिम डिविडेंड है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 23 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
आईआरएफसी के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 29 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹137.10 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से शेयर फिसलते चले गए और 10 महीने में यह 45.95% टूटकर 9 अक्टूबर 2026 को ₹74.10 पर आ गया, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। रिकॉर्ड हाई से तो यह काफी अधिक नीचे है। 15 जुलाई 2024 को यह ₹229.05 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर था।
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