IRFC के शेयरों में लगातार 8वें दिन गिरावट, पिछले 3 साल में पहली बार इतना लंबा नुकसान

IRFC share Price: इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयर आज शुरुआती कारोबार में 3.5 फीसदी लुढ़क गए। यह लगातार आठवां दिन है, जब कंपनी के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में यह पहली बार है, जब कंपनी के शेयरों में इतनी लंबी गिरावट देखी जा रही है। इससे पहले IRFC के शेयरों में इस तरह की गिरावट 15 मार्च से 25 मार्च 2021 के बीच आई थी

अपडेटेड Jul 25, 2024 पर 11:50 PM
IRFC share Price: हालिया गिरावट के बावजूद, जुलाई में IRFC के शेयरों ने अभी भी 8% का रिटर्न दिया है

IRFC share Price: इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयर आज शुरुआती कारोबार में 3.5 फीसदी लुढ़क गए। यह लगातार आठवां दिन है, जब कंपनी के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में यह पहली बार है, जब कंपनी के शेयरों में इतनी लंबी गिरावट देखी जा रही है। इससे पहले IRFC के शेयरों में इस तरह की गिरावट 15 मार्च से 25 मार्च 2021 के बीच आई थी, जब यह लगातार नौ दिनों तक लाल निशान में बंद हुए। NSE पर सुबह 11 बजे के करीब कंपनी के शेयर 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 185.54 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।

इस गिरावट के साथ ही, स्टॉक का भाव अब इसके 50-दिनों के मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है, जो 182 रुपये है। IRFC के शेयरों ने बीते 15 जुलाई को 229 रुपये का अपना रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था, तबसे इसके शेयरों में करीब 17% की गिरावट आ चुकी है। चार्ट पर स्टॉक का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरबॉट जोन से गिरकर अब 48 के स्तर पर आ गया है, जो न तो "ओवरबॉट" है और न ही "ओवरसोल्ड"।

इस हालिया गिरावट के बावजूद, जुलाई महीने में IRFC के शेयरों ने अभी भी 8% का रिटर्न दिया है। वहीं इस साल की शुरुआत से अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 84.59 की तेजी आ चुकी है। जबकि पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को 438.17 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।


कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान 5.79 लाख छोटे शेयरधारकों ने IRFC के शेयर खरीदे। इसके साथ ही IRFC का शेयर खरीदने वाले कुछ छोटे शेयरधारकों की संख्या अब बढ़कर 50.63 लाख हो गई है, जबकि मार्च तिमाही के अंत में इसके पास 44.84 लाख छोटे शेयरधारक थे।

घरेलू म्यूचुअल फंडों ने भी जून तिमाही के दौरान IRFC में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। मार्च तिमाही के अंत में, म्यूचुअल फंड्स के पास कंपनी की 0.18% हिस्सेदारी थी, जो अब बढ़कर 0.55% हिस्सेदारी हो गई है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी 1.11% पर लगभग स्थिर बनी हुई है।

वहीं भारत सरकार के पास जून तिमाही के अंत में IRFC की 86.36% हिस्सेदारी बनी हुई थी। इसका मतलब है कि सरकार को न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के तहत, अभी कंपनी में अभी अपनी 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी बेचनी होगी।

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