Stock in Focus: सरकारी रेल कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत एक बड़े कदम के साथ की है। कंपनी ने महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी (MAHAGENCO) को 1,000 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंजूर कर जारी किया है। यह इस साल का उसका पहला फंडिंग ट्रांजैक्शन है।
महाराष्ट्र की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी MAHAGENCO इस पैसे का इस्तेमाल अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और राज्य में बिजली सप्लाई को मजबूत करने के लिए करेगी।
डाइवर्सिफाइड इंफ्रा फाइनेंसर बनने की कोशिश
6 अप्रैल को एक्सचेंज फाइलिंग में IRFC ने साफ किया कि वह अब रेलवे के बाहर भी तेजी से विस्तार कर रही है। पावर और एनर्जी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एंट्री इसी रणनीति का हिस्सा है।
यह डील उस समय आई है, जब हाल ही में IRFC ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) के साथ 12,842 करोड़ रुपये का बड़ा लोन एग्रीमेंट किया था। इससे साफ है कि कंपनी अब खुद को एक डाइवर्सिफाइड इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर के रूप में स्थापित करना चाहती है।
IRFC के मैनेजमेंट ने क्या कहा
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने इसे साल की मजबूत शुरुआत बताया। उनके मुताबिक, यह डील कंपनी की साझेदारियों में भरोसा, निरंतरता और प्रतिबद्धता को दिखाती है। कंपनी ने बताया कि वह अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने के बावजूद अब तक शून्य NPA बनाए हुए है। यह उसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत दिखाता है।
IRFC की स्थापना 1986 में रेलवे मंत्रालय के फाइनेंसिंग आर्म के रूप में हुई थी। लेकिन अब कंपनी पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स और अर्बन ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टरों में भी लोन दे रही है। हालांकि, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी इसका मुख्य फोकस है।
IRFC का शेयर सोमवार को 1.15% बढ़कर 92.90 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक स्टॉक में करीब 26% की गिरावट आई है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये है।
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