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Israel vs Iran: क्रूड की बढ़ती कीमतें इंडियन इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं

क्रूड ऑयल की कीमत हर 10 डॉलर बढ़ने पर इंडिया में इनफ्लेशन 0.3 फीसदी बढ़ जाता है। काफी समय बाद इनफ्लेशन आरबीआई के 4 फीसदी के टारगेट के करीब आया है। इसका फिर से बढ़ना कई तरह की मुश्किल पैदा कर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 02, 2024 पर 4:02 PM
Israel vs Iran: क्रूड की बढ़ती कीमतें इंडियन इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं
इंडिया ऑयल की अपनी ज्यादातर जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है।

इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 4 फीसदी तक उछल गई हैं। इसकी वजह ऑयल की सप्लाई आने वाले दिनों में बाधित होने का डर है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ऑयल की कीमतों में तेजी का रुख जारी रहता है तो यह इंडियन इकोनॉमी के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है। इसकी वजह यह है कि इंडिया ऑयल की अपनी ज्यादातर जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है। ईरान के हमलों के बाद इजराइल ने बदला लेने की धमकी दी है। उसने कहा है कि ईरान को इन हमलों की बड़ी कीमत चुकानी होगी। ऐसे में आगे क्रूड में और तेजी आ सकती है।

क्रूड की कीमतें चढ़ने से महंगाई बढ़ेगी

एसएस वेल्थस्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमत हर 10 डॉलर बढ़ने पर इंडिया में इनफ्लेशन 0.3 फीसदी बढ़ जाता है। उधर, करेंट अकाउंट डेफिसिट 12.5 अरब डॉलर बढ़ जाता है। यह जीडीपी के करीब 43 बेसिस प्वाइंट्स के बराबर है। उन्होंने कहा, "ऑयल महंगा होने से इंडिया में लोगों के पर्चेंजिंग पावर पर असर पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि लोगों को ट्रांसपोर्टेशन पर ज्यादा खर्च करना होगा। साथ ही इससे गुड्स और सर्विसेज की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।"

क्रूड की सप्लाई बाधित होने पर कीमतें बड़ सकती हैं

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