आगे कैपिटल गुड्स, फाइनेंशियल और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी इंडस्ट्रीज में एफआईआई की तरफ से जोरदार निवेश आता दिख सकता है। उम्मीद है कि आगे आने वाले महीनों में एफआईआई भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी जारी रखेंगे। अप्रैल में भारत एफआईआई के लिए टॉप इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में से एक बनकर उभरा है। ग्लोबल स्थिति में स्थिरता और अमेरिका और यूरोप में हालिया बैंकिंग संकट से जुड़ी चिंता कम होने के साथ ही भारतीय इक्विटी मार्केट में एफआईआई की रुचि बढ़ी है। ये बातें लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट के एमडी, राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल के साथ एक बातचीत में कही हैं।
आईटी सेक्टर में निवेश की करें शुरुआत
म्युचुअल फंड, ब्रोकिंग,कैपिटल और इक्विटी मार्केट का 27 से सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राघवेंद्र नाथ ने अपने क्लायंट्स को आईटी सेक्टर से निवेश की शुरुआत करने की सलाह दी है। राघवेंद्र नाथ का मानना है कि आईटी कंपनियां अब मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है। आईटी स्टॉक वर्तमान में काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं।
ग्लोबल इकोनॉमी और मार्केट पर बात करते हुए राघवेंद्र नाथ ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी में वर्तमान में महंगाई ने विकास को पीछे छोड़ दिया है। महंगाई सारा खेल बिगाड़ सकती है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़त बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना सकता है। ब्याज दर में बढ़त पहले से ही महंगाई के दबाव से जूझ रही अर्थव्यवस्थाओं में मांग पर दबाव बना सकती है। महंगाई के अलावा सप्लाई से जुड़ी दिक्कत और जियो पोलिटिकल तनाव इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर सकते हैं।
जून पॉलिसी मीट में यूएस फेड ब्याज दरों पर लगा सकता है लगाम
जून पॉलिसी मीट में यूएस फेड से आपको क्या उम्मीद है? इस सवाल का जवाब देते हुए राघवेंद्र ने कहा कि जून में होने वाली बैठक में यूएसफेड ब्याज दरों में बढ़त पर विराम लगा सकता है। हालांकि उसके फंड टारगेट रेट में बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि यूएस फेड इस कैलेंडर ईयर के पहले रेट कट की शुरुआत कर सकता है। पहली कटौती 25 बेसिस प्वाइंट की हो सकती है। इसके अलावा जून की बैठक में FOMC अपने लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान, जीडीपी ग्रोथ, बेरोजगारी द, जैसे अनुमानों को अपडेट कर सकता है।
कैपिटल गुड्स और इंश्योरेंस में होगी कमाई
कैपिटल गुड्स और इंश्योरेंस पर आपकी क्या राय है? इस सवाल में उन्होंने कहा कि टेक्निकल एनालिसिस से संकेत मिलता है कि अब कैपिटल गुड्स स्टॉक करीब 14 साल की सुस्ती के बाद एक बार फिर से तेजी के मूड में नजर आ रहे हैं। लंबी अवधि के नजरिए से कैपिटल गुड्स काफी अच्छा नजर आ रहा है। कैपिटल गुड्स सेक्टर के कुछ शेयरों में पहले से ही तेजी शुरू हो गई है। जबकि कुछ में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नेशनल इंफ्रास्ट्रकचर पाइपलाइन (NIP)से रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड कंस्ट्रक्शन में सरकारी निवेश बढ़ने की संभावना है। जिसका लंबी अवधि में कैपिटल गुड्स सेक्टर को फायदा मिलेगा। इसके अलावा कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता से भी इस सेक्टर की कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिलेगा।
इंश्योरेंस सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऊंची ब्याज दरों और बजट में किए गए प्रावधानों के चलते इंश्योरेंस सेक्टर पर दबाव देखने को मिला है। हालांकि लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो इंश्योरेंस सेक्टर में काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं। देश में एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो इंश्योरेंस सेवाओं अभी तक वंचित है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनियों के लिए कारोबार विस्तार के व्यापक मौके हैं। हालांकि शॉर्ट टर्म में या कहें तोअगली कुछ तिमाहियों तक इस सेक्टर पर कुछ दबाव देखने को मिल सकता है।
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